आगरा, जागरण संवाददाता। दिन बुधवार, तारीख 22 जनवरी 2020। सुबह के आठ बजे हैं। सड़कों पर दृश्यता शून्य है। जो घर से निकला है, मजबूरी में किसी जरूरी काम से। हाथों को जैकेट या पेंट की जेब में ठूंसे। कंपकंपाता हुआ, ठिठुरता हुआ। सड़कों के किनारे जगह-जगह लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। इधर शहर की सड़कों पर स्कूली वैन और आॅटो जरूर दौड़ रहे हैं। पर्किंग लाइट्स जलाकर। कोहरा इतना है कि चार कदम आगे का कुछ दिखाई नहीं दे रहा। वैन और आॅटो में बच्चे सिकुड़े और सिमटे से बैठे नजर आ रहे हैं। इनको ठंड सता रही है पर कुछ कह नहीं पा रहे। स्कूल पहुंचना है, पौने नौ बजे तक। घर से वैन वाले भईया सुबह आठ बजे ही ले आए हैं क्योंकि उन्हें बाकी बच्चों को भी लेना है। अधिकांश बच्चे बिना नहाए दिख रहे हैं, घर लौटेंगे तब तक बज चुके होंगे दोपहर के 3.30। जिला प्रशासन के रवैये को देखकर लग रहा है कि इस बार आगरा में सर्दी पड़ ही नहीं रही। 

बीते पांच दिन से लगातार शहर में यही आलम है कि सुबह 10.30 से 11 बजे तक दृश्यता शून्य जैसी स्थिति है। दोपहर 12 बजे सूरज निकल रहा है लेकिन बादलों के बीच ढंका हुआ। उसकी गर्माहट का अहसास हो नहीं पा रहा। दोपहिया वाहन चालकों के हाथ दस्तानों के भीतर भी सुन्न से पड़े हैं। न्यूनतम तापमान में बेशक जरूर कुछ वृद्धि हुई है लेकिन चूंकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बहुत कम है इसलिए कोल्ड डे जैसी कंडीशन बनी हुई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 17.8 और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस आंका गया। दोनों के बीच फासला करीब 10 डिग्री सेल्सियस का। यही वजह है कि ठंड का असर ज्यादा है। बुधवार को भी तापमान में सुधार की गुंजायश नहीं। मौसम से जुड़ी वेवसाइटों के अनुसार इस सप्ताह न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा क्योंकि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं परेशान करेंगी। उधर दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में बारिश को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किए जा चुके हैं।

ये है अभिभावकों का कहना

सेंट पॉल्स के छात्र की मां अंजलि सक्सेना ने बताया कि क्लास रूम ठंडे पड़े हैं। बच्चे स्कूल में पहुंचकर ठंड से कांप रहे हैं। उनके बेटे का जुकाम लगातार 15 दिन से बना हुआ है। सात जनवरी से स्कूल खुल गए, उम्मीद यह थी कि प्रशासन ठंड को देखते हुए छुट्टी घोषित करेगा। प्रशासन ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया, उधर स्कूल वालों ने प्रशासन पर फैसला छोड़ दिया है। सेंट एंथनीज की छात्रा की मां शिवानी ने बताया कि ठंड तो पिछले सालों से जैसी ही पड़ रही है। हर साल 25-26 जनवरी के बाद ही स्कूल खुलते थे। इस बार पुराने जिलाधिकारी के जाने के बाद से नए जिलाधिकारी ने छुट्टी बढ़ाई ही नहीं। कभी बेटी सिर दर्द की शिकायत करती है तो कभी स्कूल में कंपकंपी छूटने की कहती है।

पड़ोसी जिलों में फिर दो दिन का अवकाश

अलीगढ़, हाथरस और मथुरा में शीतलहर के चलते लगातार अवकाश किया जा रहा है। ताजा आदेश के मुताबिक इन तीनों शहरों में प्रशासन ने 22 और 23 जनवरी का अवकाश घोषित कर दिया है। वहां के आदेश को देखते हुए मंगलवार शाम को जागरण कार्यालय में अभिभावकों के फोन फिर पहुंचे, उन्हें उम्मीद थी कि शायद इस बार आगरा प्रशासन ने भी अवकाश घोषित कर दिया हो लेकिन उन्हें फिर निराशा ही हाथ लगी।  

Posted By: Prateek Gupta

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