आगरा, जागरण संवाददाता। फव्वारा दवा बाजार से 1440 कफ सीरप ले जा रहे दोनों युवकों को रविवार को जेल भेज दिया। युवकों से पूछताछ में बड़ा मामला सामने आया है, नशे के लिए इन कफ सीरप को बिहार में ले जाया जा रहा था। कफ सीरप के अवैध कारोबार में दो थोक दवा विक्रेताओं के नाम सामने आए हैं, पुलिस और औषधि विभाग की टीम जांच कर रही है। शनिवार को औषधि विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से हॉस्पिटल रोड से ठेले पर रखकर छह प्लास्टिक बोरे में ले जाए जा रहे कफ सीरप के साथ दो युवकों को पकड़ा था। औषधि निरीक्षक ब्रजेश यादव ने बताया कि युवकों ने अपने नाम संजय कुमार निवासी नगला देवजीत एत्माद्दौला मूल निवासी कबीया बासूडोल जिला बेगूसराय बिहार और मनोज कुमार निवासी हनुमान नगर, एत्माद्दौला मूल निवासी गांव लखनपुर बेगूसराय बिहार बताए हैं। इनके पास से 1440 कफ सीरप जब्त किए गए हैं। इनका कोई बिल नहीं था। इसमें से कॉरेक्स टी सीरप श्री राम फार्मा, मुबारक महल मार्केट और वेलसिरेक्स सीरप जीजी मेडिको संचालक गौरव शर्मा से लेकर आए थे। इन सीरप में कॉडीन फॉस्फेट है, यह प्रतिबंधित नारकोटिक्स ड्रग्स में आता है। इसका नशे के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया है कि फव्वारा दवा बाजार से बड़ी मात्रा में कफ सीरप बिहार सप्लाई किए जाते हैं। इनके खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के बाद जेल भेज दिया गया। 77 रुपये का सीरप, 200 रुपये में बिक्री कॉरेक्स टी सीरप की एमआरपी 77 रुपये है, इसे 150 से 200 रुपये में सप्लाई किया जा रहा है। वेलसिरेक्स सीरप की कीमत 122 रुपये है यह सीरप भी 200 रुपये तक में बिक रहा है। इससे पहले भी बड़ी मात्रा में ट्रांसपोर्ट कंपनी से कफ सीरप पकड़े जा चुके हैं, इसके बाद कफ सीरप मंगाने वाली फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। पकड़े जाएंगे अवैध कारोबारी कफ सीरप के अवैध कारोबार में दवा कारोबारी बच जाते हैं, पुलिस और औषधि विभाग की जांच में हॉकर और दुकान पर काम करने वाले युवक पकड़े जा रहे हैं। इस बार सुबूत जुटाए जा रहे हैं, जिससे कारोबारियों पर भी कार्रवाई की जा सके।

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