आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस के संक्रमण के एक बार फिर पैर पसारने के बाद आगरा का पर्यटन कारोबार झुलस गया है। राज्य सरकारों द्वारा तरह-तरह की पाबंदियां लगाने के बाद पर्यटकों ने टूर बुकिंग कैंसिल करा दी हैं। इससे भारतीय पर्यटकों के सहारे किसी तरह काम चल रहे पर्यटन कारोबारियों को झटका लगा है।

ताजमहल पर दिसंबर में औसतन 20 हजार पर्यटक प्रतिदिन आ रहे थे। जनवरी के पहले सप्ताह में देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के एक बार फिर पैर पसारने के साथ पर्यटकों की संख्या आधी रह गई है। दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू, उप्र में नाइट कर्फ्यू और राज्यों द्वारा लगाई गई पाबंदियों के चलते पर्यटन उद्योग पूरी तरह ठप होने के कगार पर पहुंच गया है। इंटरनेशनल फ्लाइट मार्च, 2020 से स्थगित चल रही हैं और अब विदेशी पर्यटकों के लिए सात दिन का होम क्वारंटाइन अनिवार्य किए जाने से विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना गौण हो गई है। जनवरी में आगरा में तीसरी लहर के आरंभ होने का ही ये असर है कि दिसंबर के आखिरी सप्‍ताह में ताजमहल पर पर्यटकों की संख्‍या एक दिन में 35 हजार से अधिक पहुंच गई थी, जबकि 10 जनवरी को ये आंकड़ा घटकर 6500 के आसपास ही रह गया है।

ताजमहल में बढ़ाई गई सतर्कता

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताजमहल में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। गाइड और फोटोग्राफर पर पर्यटक के साथ स्मारक में प्रवेश व निकास की शर्त लगाई गई है। स्मारक में भीड़ एकत्र होने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सैनिटाइजेशन नियमित अंतराल पर किया जा रहा है।

कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने पर लगी पाबंदियों के चलते पर्यटकों ने टूर कैंसिल करा दिए हैं। अब कोई काम नहीं है। कोरोना वायरस का संक्रमण जिस तरह बढ़ रहा है, उसके चलते लोग घर में रहना पसंद कर रहे हैं।

-संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष आगरा टूरिज्म डवलपमेंट फाउंडेशन

विदेशी पर्यटकों के लिए सात दिन के होम क्वारंटाइन को अनिवार्य कर दिया गया है। इस स्थिति में इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने पर भी पर्यटक यहां नहीं आएंगे। इससे उनका बजट बिगड़ जाएगा।

-राजेश शर्मा, सचिव टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा

Edited By: Prateek Gupta