आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना से जंग में देश एकजुट है। मगर, शहर के गांव की ओर निकले प्रवासियों के लिए अब अपने ही देश में कई स्तर पर सरहदें बन गई हैं। सोमवार को सुबह से पुलिस ने शहर में सख्ती कर लोगों को बाहर भेज दिया। जब से जिले और राज्यों की सीमा पर पहुंचे तो फंस गए। राजस्थान बार्डर पर सुबह से शाम तक हजारों प्रवासी फंसे रहे। राजस्थान की ओर जाने की कोशिश करने पर पुलिस ने डंडे फटकार कर खदेड़ दिए। इसके बाद दोनों ओर से प्रवासियों का प्रवेश रोक दिया। जयपुर हाईवे से भी सीमा सील कर दी गई। उधर, आगरा की ओर से फीरोजाबाद में प्रवासियों को प्रवेश न मिलने पर रात को हंगामा शुरू हो गया। हजारों की संख्या में प्रवासी राज्य और जिले के बार्डर पर फंसे हैं।

लॉकडाउन के बाद से कई राज्यों में काम करने वाले मजदूर, छात्र, महिलाएं व बच्‍चे अपने घरों पर लौट रहे हैं। बीते शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोग आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग, एमजी रोड, यमुना किनारा रोड और ग्वालियर हाईवे से गुजरे। धौलपुर के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करने वाले सैंया के जाजऊ टोल प्लाजा से आगे पार्वती नदी पर पहुंचे। यहां सोमवार दोपहर राजस्थान की पुलिस फोर्स ने उन्हें सीमा में घुसने से रोक दिया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने हंगामा किया। घुसने की कोशिश में डंडे लेकर खदेड़ दिया। सूचना पर एसपीआरए रवि कुमार, एसडीएम अमरीश बिंद, सीओ प्रदीप कुमार मय पुलिस फोर्स पहुंच गए। उन्होंने धौलपुर के पुलिस व प्रशासन के अफसरों से वार्ता की लेकिन वे उन्हें घुसने नहीं दे रहे थे। इसके बाद एसडीएम ने राजस्थान से उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसने वालों को भी रोक दिया। इससे दोनों राज्यों की सीमा पर कई किलोमीटर तक जाम लग गया। देररात लोगों को हाईवे से सटे खेतों में पहुंचाया गया। रात नौ बजे बार्डर से कुछ प्रवासियों को वाहनों से राजस्थान की ओर जाने की अनुमति मिली। इसके बाद आवागमन शुरू हुआ।

नोएडा और दिल्ली से आए बिहार के प्रवासी फीरोजाबाद बार्डर पर रोक लिए गए। आगरा की सीमा में ही इन्हें सुबह 11 बजे फीरोजाबाद में नहीं घुसने दिया। सुबह से शाम तक भूखे और प्यासे लोग हाईवे पर ही बैठ गए। अपने गांव जाने की मांग को लेकर उन्होंने हंगामा किया। इससे हाईवे पर जाम लग गया। कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। अधिकतर प्रवासी भूखे हैं। रात नौ बजे तक अधिकारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। प्रवासी सड़क और खेतों में बैठे रहे। फीरोजाबाद बार्डर पर प्रवासियों के रोके जाने के बाद एत्मादपुर पुलिस ने एत्माद्दौला थाने की ओर से आ रहे प्रवासियों को वापस भेज दिया।

शाम तक सीमा सील, रात को चोरी छिपे प्रवेश

दिल्ली, हरियाणा, गुजरात से राजस्थान होते हुए फतेहपुर सीकरी मेें प्रवेश करने वाले लोगों को सीमा सील होने पर वहीं रोक दिया गया है। सोमवार को इस संबंध में राजस्थान के भरतपुर जिलाधिकारी नथमल डिडेल और एसडीएम किरावली डॉ. नंदकिशोर के बीच सीमा पर मुलाकात हुई। समन्वयक बैठक में तय हुआ कि राजस्थान से फतेहपुर सीकरी आने वाले लोगों को वहीं पर रोककर आइसोलेट कराया जाएगा। दिनभर राजस्थान बार्डर पर लोग रुके रहे। रात को अंधेरा होने के बाद वाहनों में भरकर लोग निकलने शुरू हो गए। हाईवे पर पुलिस ने रोका तो अन्य वैकल्पिक मार्गों से उप्र में प्रवेश किया।

तपती धूप में बिलबिलाए बच्‍चे और महिलाएं

परिवार के साथ घर जा रहे सैकड़ों बच्‍चे और महिलाएं सोमवार को तेज धूप में बिलबिलाते रहे। स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासन और समाजसेवियों की भोजन-पानी की व्यवस्थाएं भी यहां कम रहीं। तमाम लोग खेतों में पेड़ों के नीचे आराम फरमाते रहे। ब'चों समेत तमाम लोग तेज धूप में भूख से व्याकुल रहे।

व्यवस्था पर सवाल

- केंद्र सरकार ने पहले जहां हैं वहीं रहने का आदेश दिया तो प्रदेश सरकार ने सभी को अपने राज्य में बुलाने का आदेश दे दिया। इसके बाद लोग आने लगे तो व्यवस्थाएं चरमरा गईं।

- दूसरे जिलों और राज्यों की सीमाएं सील थीं तो प्रशासन और पुलिस ने लोगों को शहर बाहर को भगा दिया। उनके ठहरने की व्यवस्था क्यों नहीं की?

- राज्य और जिले स्तर पर समन्वय का अभाव तो रहा ही एक ही जिले के दो थानों के बीच समन्वय का अभाव भी नजर आया। आखिर उच्‍च अधिकारियों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? 

Posted By: Prateek Gupta

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