आगरा, जागरण संवाददाता। शास्त्रीपुरम आवासीय योजना में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अफसरों और कर्मचारियों के गुनाह सामने आएंगे। 15 से बीस साल तक मोहम्मदपुर गांव में सरकारी जमीन की बिक्री होती रही लेकिन अफसरों और संपत्ति अनुभाग के कर्मचारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यहां तक कि अमीनों ने भी ध्यान नहीं दिया। अफसरों की लचर कार्यशैली के चलते दिल्ली गेट निवासी सुशील गोयल और उनके बेटे सचिन ने पांच बीघा जमीन 125 परिवारों को बेच दी। सांसद राजकुमार चाहर के पत्र का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं। मोहम्मदपुर गांव में पांच बीघा से अधिक जमीन की बिक्री का शक है।

एडीए ने शास्त्रीपुरम आवासीय योजना के तहत वर्ष 1989 में खसरा नंबर 208, 218, 219, 278 में 100 बीघा से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया था। दिल्ली गेट निवासी सुशील गोयल से एडीए ने वर्ष 1989 में पांच बीघा जमीन का अधिग्रहण किया था। एडीए से प्रतिकर लेने के बाद भी सुशील ने सरकारी जमीन को गुपचुप तरीके से बेच दिया। शिकायतों के बाद भी एडीए अफसरों की नींद नहीं खुली। शिकायतकर्ता एसके गोयल ने बताया कि समय रहते एडीए अफसर कार्रवाई करते तो कई बीघा जमीन बिकने से बच जाती। एडीए अफसरों और संपत्ति अनुभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन की बिक्री हुई है। जमीन पर 125 परिवारों ने मकान बना लिए हैं जबकि सुशील गोयल ने डिग्री कालेज खोल दिया है। एडीए ने परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस दिया है। जमीन की पैमाइश कराई जा रही है। लोगों को हो रही परेशानी की शिकायत सांसद राजकुमार चाहर से की गई थी। सांसद ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि शास्त्रीपुरम आवासीय योजना में एडीए अफसरों के शामिल होने का शक है। सांसद राजकुमार चाहर के पत्र को संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।

Edited By: Nirlosh Kumar