आगरा, जागरण संवाददाता। मथुरा के चांदी कारोबारी को जयपुर हाउस स्थित वाणिज्य कर कार्यालय लाकर 43 लाख रुपए लूटने के मामले में निलंबित वाणिज्यकर के असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार और वाणिज्य कर अधिकारी शैलेंद्र कुमार अब तक फरार हैं। पुलिस ने उनके घरों की कुर्की की तैयारी कर ली है। कोर्ट से धारा 82 की कार्रवाई का आदेश मिल गया है। सोमवार को दोनों आरोपितों के घर पर नोटिस चस्पा कर दिया जाएगा।

मथुरा के गोविंद नगर निवासी प्रदीप अग्रवाल 30 अप्रैल को बिहार से चांदी के जेवरात बेचकर लौट रहे थे। लखनऊ एक्सप्रेस वे के फतेहाबाद टोल पर कारोबारी की गाड़ी को वाणिज्य कर अधिकारियों और कर्मचारियों ने रोक लिया था। आरोप है कि कारोबारी को जयपुर हाउस स्थित ऑफिस ले जाकर बैग में रखे थे 43 लाख रुपए लूट लिए गए थे। व्यापारी की शिकायत पर विभागीय जांच हुई। 12 मई को मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में लूट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा की वृद्धि की गई। इसमें असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर अजय कुमार, कर अधिकारी शैलेंद्र कुमार, सिपाही संजीव कुमार और निजी चालक दिनेश कुमार को नामजद किया गया।

विवेचना सीओ सदर राजीव कुमार कर रहे हैं। पुलिस ने सिपाही संजीव कुमार और चालक दिनेश कुमार को जेल भेजा था। दोनों अधिकारी अब तक फरार हैं। सीओ ने बताया कि आरोपित अधिकारियों के घरों की कुर्की की जाएगी। कोर्ट से कुर्की से पूर्व की कार्रवाई का आदेश मिल गया है। इसके नोटिस और कोर्ट से लिए जा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो जाएगी। इसके बाद टीम को दोनों के घरों पर नोटिस चस्पा करने के लिए जाएगी। इसके बाद आरोपित नहीं पकड़े जाते हैं तो एक माह के अंदर कुर्की कर दी जाएगी। अजय कुमार लखनऊ के इंदिरा नगर और शैलेंद्र कुमार चंदौली के रहने वाले हैं। दोनों को विभाग ने निलंबित कर दिया था।

Edited By: Prateek Gupta