आगरा, जेएनएन। टूंडला उपचुनाव से पहले जिले को परियोजनाओं की सौगात देने के लिए सूबे के मुखिया योगी आदित्‍यनाथ फीरोजाबाद जिले के टूंडला में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। यहां उन्‍होंने कहा कि आपने लोकसभा में यहां से चंद्रसेन जादौन को भेजा, इसलिए आभारी हूंं। मैंने तब विकास का वादा किया था। आपने भारी मतों से बीजेेपी प्रत्याशी को संसद तक भेजा। आप फीरोजाबाद में रहते हैं, हो सकता है कि आप अपने आपको पहचानने में भूल रहे हैं, लेकिन आपकी प्रतिभा को हमने देखा। फीरोजाबाद की वैश्विक पहचान है।

योगी ने कहा कि मैं उद्यमियों को आश्वस्त करता हूं कि हम फीरोजाबाद की कांच की प्रतिकृति देश दुनिया में दिखेगी। पेयजल की समस्या का समाधान करा रहे हैं। पूरे जिले को गंगाजल उपलब्ध कराएंगे। हमने प्रदेश के सभी जनपदों को पेयजल के लिए धनराशि दी है। फीरोजाबाद के हर गांव के हर घर में नल पहुंचाएंगे। फीरोजाबाद की पहचान को कुछ लोगो ने धूमिल करने का प्रयास किया, लेकिन अब सब जनप्रतिनिधि काम कर रहे हैं। मुख्‍यमंत्री ने जम्‍मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 खत्‍म करने के संदर्भ में कहा कि देश की एकात्मता को चुनौती देने वाली धारा 370 को भारत माता के यशस्वी लाल प्रधानमंत्री मोदी ने खत्म किया। ये साहसिक निर्णय है। आतंकवाद के ताबूत पर आखिरी कील ठोकने की करवाई की है। मैं प्रदेश की जनता की ओर से मोदी और अमित शाह का आभार जताता हूं। भाजपा की सरकार न होती तो क्या 370 खत्म होती। क्या कांग्रेस करती क्या सपा करती?

उन्‍होंने आगे कहा कि अब अमरनाथ की यात्रा में जाने के लिए आतंकी साये में नहीं जाना होगा। कांवर यात्रा की तरह जाएंगे। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के लिए काम किया। प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों को शौचालय दिए। नारी गरिमा के लिए तीन तलाक की प्रथा को खत्म किया। कांग्रेस सपा के लोग तीन तलाक का समर्थन कर नारी गरिमा का अपमान करते थे। किसान परेशान होता था। आलू किसान धान किसान परेशान होते थे। हमने खरीद की। अब किसी किसान को आंदोलन नहीं करना पड़ा क्योंकि उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य मिला। किसान सममान निधि इसी का हिस्सा है।

दोबारा पीएम बनने के बाद मोदीजी ने सभी किसानों को 6 हजार रुपये साल देने का फैसला किया। सीएम ने कहा कि विकास की न तो जाति होती है, न मजहब होता है। ये सब के लिए होना चाहिए। फीरोजाबाद के कांच के अलावा आलू किसानों के लिए शीघ्र अन्तर्राष्ट्ररीय केंद्र बनाया जाएगा। आजादी के बाद अब तक गरीबों के इलाज के लिए कुछ नहीं हुआ। प्रदेश के छह करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। एक परिवार विशेष के लोग अपने बारे में सोचते थे। हम दो लाख नई नौकरियां ला रहे हैं। वाराणसी में प्रवासी दिवस में आगरा के अप्रवासी मिले। वे 40 साल से ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मेरे घर वाले कहते थे कि मुन्ना की नौकरी के लिए पैसा ले आना। जब लौटा तो मुन्ना को बिना पैसों के पुलिस की नौकरी मिल चुकी थी।

हमने औद्योगिक निवेश को सुरक्षा का वातावरण दिया है। इससे रोजगार बढ़ेंगे। जब समान विचारधारा की सरकारें केंद्र और प्रदेश में होती हैं तो विकास में कोई समस्या नहीं होती। उन्‍होंने कहा कि भाजपा की सरकार आपके साथ है आप भी इसे जनांदोलन बनाकर साथ दें। योजनाओं का लाभ आपको प्राप्त होगा। प्रदेश के अंदर विकास सुरक्षा और सुशासन का माहौल बना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन समाप्‍ता किया। जिलाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह ने आभार जताकर जनसभा का समापन किया। 

जनसभा संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने 391 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और 132 परियोजना का लोकार्पण किया। कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। फ़िल्म के जरिये फीरोजाबाद और कांच उद्योग दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित।

सीएम के भाषण से पूर्व सांसद प्रो एसपी सिंह बघेल ने कहा सीएम पहली बार आये हैं, लेकिन बड़ी सौगातें लाए हैं। यदि यहां एमएलए और एमपी विपक्ष के होते तो पांच सात करोड़ से ज्यादा नहीं मिलता। टूण्डला ने अखिलेश यादव डिम्पल यादव और अक्षय यादव को हराया है। मैं अपनी वसीयत में लिखकर जाऊंगा की टूण्डला का कोई भी आए उसका काम जरूर करना। मेरे इस्तीफे से ये विस खाली हुई है। इसलिए इसे  जिताना है। यहां की जीत हार का सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन सरकार के मुखिया को बताना है कि जनता भाजपा को चाहती है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई टूंडला विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले हो रही इस जनसभा में मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अलीगढ़ के लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज इगलास से यहां पहुंचे हैं। जनसभा में सबसे पहले मुख्‍यमंत्री ने चार अरब की लागत की 32 परियोजनाओं का शिलान्यास और 129 परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

जनसभा में हंगामा

मुख्‍यमंत्री की जनसभा में पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाओं ने  नारेबाजी की कोशिश की। मुख्यमंत्री के जाने के बाद कुर्सियां तोड़ींं। बढ़ा वेतन दिलाने की मांग को लेकर विरोध का एलान किया था। आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग की।

Posted By: Tanu Gupta

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