जेएनएन, आगरा: देहात अंचल में कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हुई। फतेहपुर सीकरी में शाम को घने बादल छा गए। आधा घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके अलावा शमसाबाद, एत्मादपुर, रुनकता, इरादतनगर, मलपुरा, अकोला, सैंया, कागारौल, खंदौली और शमसाबाद में तेज बारिश हुई। वहीं खेरागढ़, एत्मादपुर, पिनाहट, बाह और लादूखेड़ा में बूंदाबांदी से किसान चिंतित नजर आए। वहीं खेतों में चल रही गेहूं और सरसों की बोवाई रुक गई। तेज बारिश से आलू और गेहूं को नुकसान की आशंका है। जिन खेतों में हाल ही में बोवाई हुई है। वहां आलू सड़क जाएगा और गेहूं में पपड़ी पड़ जाएगी।

बाह: पूरे तहसील क्षेत्र का रकबा 48867 हेक्टेअर है। यहां आलू, सरसों और गेहूं की बुवाई होती है। तहसील क्षेत्र में गेहूं और आलू को नुकसान का खतरा है।

फतेहाबाद: क्षेत्र में करीब 35 हजार हेक्टेअर में बोवाई होती है। फतेहाबाद को सर्वाधिक आलू उत्पादक तहसील के रूप में पहचाना जाता है। यहां 23 हजार हेक्टेअर भूमि में आलू का ही उत्पादन किया जाता है। किसानों का कहना है कि तेज बारिश से आलू का बीज खराब हो जाएगा।

खेरागढ़: तहसील क्षेत्र में गेहूं और सरसों की सर्वाधिक बोवाई होती है। गेहूं की बोवाई चल रही है। सरसों की फसल की करीब 80 फीसद और आलू की 50 फीसद बोवाई हो चुकी है। यहां दो-तीन दिन पहले बोई गई फसल के नुकसान का खतरा है।

किरावली: तहसील क्षेत्र में करीब 40 हजार हेक्टेअर भूमि में फसल की पैदावार होती है। रविवार को भी क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इससे किसान चिंतित नजर आए। उन्होंने कहा कि तेज बारिश से गेहूं में पपड़ी पड़ जाएगी। सब्जियां भी खराब हो जाएंगी।

एत्मादपुर: पूरे तहसील क्षेत्र में रविवार शाम तेज बारिश हुई। दिन भर ठंडी हवा चलती रही। यहां बड़ी मात्रा में की गई आलू की बोवाई को नुकसान हो सकता है। किसानों के मुताबिक सरसों की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी।

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