आगरा, जागरण संवाददाता। ताज के साए में बन रहा हेरिटेज वाॅॅक का रास्ता साफ हो गया है। महानिदेशक, एएसआइ ने मामूली शर्तो के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दे दिया है। इससे यह कार्य अब तेजी से कराया जा सकेगा। वहीं ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पांच सौ पेड़ों पर रंग-बिरंगी रोशनी डालने के प्रस्ताव को ड्रॉप कर दिया गया है।

आगरा स्मार्ट सिटी लि. की बोर्ड बैठक बुधवार को हुई। चेयरमैन व मंडलायुक्त अनिल कुमार के समक्ष विभिन्न प्रस्ताव रखे गए। सबसे पहले हेरिटेज वॉक पर मंथन किया गया। ताज के पश्चिमी गेट से दक्षिणी गेट होते हुए पूर्वी गेट और उसके आसपास हेरिटेज वाॅॅक का निर्माण किया जाना है। इस पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने इसकी अनुमति देते हुए मामला डीजी, एएसआइ को रेफर कर दिया था। डीजी ने इंटरलॉकिंग कराने पर आपत्ति जताई थी। बैठक में तय हुआ कि इंटरलॉकिंग नहीं कराई जाएगी, उसके बदले कोबल स्टोन लगाया जाएगा। यह कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। फिर स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। यह ड्रेन कमिश्नरी से यमुना नदी तक बनाई जा रही है। होटल जेपी से यमुना नदी तक एडीए को काम करना था लेकिन एडीए अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए। बैठक में तय हुआ कि ड्रेन अब किसानों के खेत से होकर नहीं जाएगी बल्कि सर्विस रोड से होकर निकलेगी। होटल जेपी से नदी तक ड्रेन के निर्माण पर पूर्व में 29 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे। अब संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। बैठक में ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जा सकी। जिसके चलते दस दिनों के भीतर फिर से बैठक होगी। इस दौरान एडीए उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना, सीईओ अरुण प्रकाश, केबी सिंह, आरके सिंह सहित अन्य अफसर मौजूद रहे। 

Posted By: Prateek Gupta

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