CBSE बोर्ड के स्कूलों में कोर्स में शामिल हो रहा AI, तीसरी क्लास से ही बच्चे पढ़ेंगे नई तकनीक
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का नया पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। यह पहल शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। सीबीएसई के डिप्टी सिटी कार्डिनेटर डा. रामानंद चौहान ने बताया कि जिले के सभी संबद्ध स्कूलों में नए सत्र से यह कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।
सीबीएसई ने पाठ्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की है। इसे एक अप्रैल 2026 को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में लांच किया था। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा 2023 के अनुरूप है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना है।
इसके तहत वे तार्किक सोच, पैटर्न पहचानने, समस्याओं को छोटे हिस्सों में बांटने और चरणबद्ध तरीके से समाधान निकालने का अभ्यास करेंगे। साथ ही, एआइ के सही और नैतिक उपयोग की समझ भी विकसित की जाएगी। कक्षा तीन से पांच तक इसे अलग विषय के रूप में नहीं पढ़ाया जाएगा।
सालाना करीब 50 घंटे गणित और ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ (टीडब्ल्यूएयू) जैसे विषयों के साथ गतिविधियों, पहेलियों और गेम के जरिए इसकी पढ़ाई होगी। कक्षा छह से आठ तक सालाना 100 घंटे निर्धारित हैं। इसमें उन्नत कंप्यूटेशनल थिंकिंग, एआइ की बुनियादी समझ और प्रोजेक्ट शामिल होंगे। विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए हैंडबुक सीबीएसई की अकादमिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
डिप्टी सिटी कार्डिनेटर ने बताया इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे वे कक्षा में पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें। कम उम्र से ऐसी सीखने की आदत विकसित होने पर बच्चे रटने के बजाय समझकर सीखेंगे।
