आगरा, जागरण संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने 10वीं के नतीजे बुधवार को जारी कर दिए। आगरा में सिंपकिंस स्कूल की अंजली शर्मा 99.4 फीसद अंकों के साथ अव्वल रहीं।

वहीं दूसरे नंबर सुमीत राहुल गोयल मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के आदित्य गौतम रहे। उन्होंने 98.4 फीसद अंक प्राप्त किए। वहीं तीसरे नंबर शिवालिक कैंब्रिज स्कूल को दो छात्र आयुष बघेल और राघवेंद्र सिंह संयुक्त रुप से रहे। दोनों ने 98.2 फीसद अंक पाए हैं। आगरा के चारों टॉपर्स से जागरण ने बातचीत की और जाना उनके भविष्‍य के सपनों के बारे में। 

जेईई से इंजीनियरिंग में पाना है प्रवेश

सिंपकिंस स्कूल की रघुवीर पुरम, गढ़ी भदौरिया निवासी छात्रा अंजली शर्मा ने 10वीं में 99.4 फीसद अंक लाकर जिला टॉप किया है। उनका कहना है कि सफलता पाने के लिए क्लास रुम के साथ सेल्फ स्टडी बेहद जरुरी है। स्कूल में पढऩे के साथ नियमित तीन-चार घंटे एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाई की। साथ में लगातार सेंपल पेपर सॉल्व किए। इतना कुछ करने के बाद न कोचिंग की जरुरत पड़ी, न कुछ और करने की। अंजली को ड्राइंड बेहद पसंद हैं, कई प्रतियोगिताओं में वह विजेता रही हैं। दैनिक जागरण संस्कारशाला में वह विजेता रही थीं। साथ ही डिवेट के साथ कल्चरल एक्टिविटी में प्रतिभाग करना पसंद हैं। उनके पास इनके 71 से ज्यादा प्रमाण पत्र हैं। उनका संदेश है कि एनसीईआरटी अच्छी तरह और नियमित पढ़ें, क्लास रुम के साथ सेल्फ स्टडी पर ध्यान दें। खूब मेहनत करें। इसके बाद जितना मिले, उससे संतुष्ट व खुश रहे। इनके पिता दाऊजी प्रसाद शर्मा प्राइवेट फर्म में जॉब करते हैं, मां अर्चना शर्मा गृहणी हैं। बड़ी बहन मनीष डीयू से ऑनर्स कर रही हैं, जबकि छोटा भाई हर्ष नौवीं में है।

आइआइटी से इंजीनियरिंग, फिर आइएएस

सुमीत-राहुल गोयल मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कमला नगर निवासी छात्र आदित्य गौतम 98.4 फीसद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसके लिए उन्होंने नियमित आठ-नौ घंटे पढ़ाई की। सफलता के लिए टेक्स्ट बुक पढऩा बेहद जरुरी है, उन्हें उसी से तैयारी करी। सफलता के लिए वह नियमित सेल्फ स्टडी को बेहद जरुरी मानते हैं। उन्हें किताबें पढऩा और म्यूजिक सुनना पसंद है। उनका सपना आइआइटी से आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस में इंजिनियङ्क्षरग करना है। इसके बाद वह आइएएस बनना चाहते हैं। उनका संदेश है कि विद्यार्थी एनसीईआरटी से तैयारी करें। साथ में अन्य रिफरेंस बुक ले सकते हैं। सेंपल पेपर लगातार सॉल्व करते रहे। इनके पिता एके गौतम एमएसएमई में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं, जबकि मां रेनू गौतम गृहणी हैं। इनकी एक छोटी बहन भी है।

सोशल मीडिया पर नहीं दिया ध्यान

शिवालिक कैंब्रिज स्कूल के सेक्टर सात निवासी राघवेंद्र ने 98.2 फीसद पाकर संयुक्त रुप से तीसरा स्थान पाया है। इसके लिए उन्होंने स्कूल के बाद नियमित तीन-चार घंटे पढ़ाई की। प्रमुख विषयों की कोचिंग भी ली। सफलता के लिए एनसीईआरटी बुक्स पर पूरा फोकस किया। फिर रिफ्रेंस बुक्स भी पढ़ी। साथ में सेंपल पेपर सॉल्व करने में पूरी गंभीरता दिखाई। सोशल मीडिया पर समय बिताना बिल्कुल पंसद नहीं है। वह आगे चलकर इंजीनियङ्क्षरग करना चाहते हैं। उन्हें स्टोरी पढऩा और क्रिकेट खेलना पसंद है। उनका संदेश है कि पहले अपनी मंजिल तय करें और फिर उसे पाने के लिए जी-जान से जुट जाएं। उनके पिता राम कैलाश इंटर्वटर की शॉप चलाते हैं, मां ममता सिंह गृहणी हैं। उनकी बहन साक्षी लैब टेक्नीशियन कोर्स कर रही हैं।

आइआइटी में जाना है ख्वाब

शिवालिक कैंब्रिज स्कूल के विशाल कुंज, बोदला निवासी आयुष बघेल के 98.2 फीसद अंक आए हैं। इसके लिए उन्होंने नियमित एनसीईआरटी बुक्स से तीन-चार घंटे पढ़ाई की। एग्जाम के दौरान इसे बढ़कर छह-सात घंटे कर दिया। उन्हें क्रिकेट खेलना पसंद हैं। वह आइआइटी से इंजीनियङ्क्षरग करना चाहते हैं। उनका संदेश है कि पढ़ाई हमेशा पैशन के साथ करें, तभी तरक्की मिलेगी। एनसीईआरटी पर ध्यान दें, पूरा पेपर उसी में से आएगा। सफलता पानी है, तो हर टॉपिक का कॉन्सेप्ट क्लीयर करें। टाइम टेबल बनाकर फोक्स्ड होकर पढ़ाई करें। यही सफलता का मंत्र है। उनके पिता देवेंद्र सिंह टूरिस्ट कैब ड्राइवर हैं, मां भावना गृहणी हैं। भाई मयंक सातवीं में है। 

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