आगरा, जागरण संवाददाता। बीता दिन उत्तर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशियों के लिए कुछ खास था। अलसुबह उठकर देर रात तक दौडऩे वाले प्रत्याशी देर तक सोए। करीब 21 दिन तक परिवार से दूर रहे, सो परिवार को भी भरपूर समय दिया। साथ बैठकर खाया। फिर समर्थकों संग बूथों पर हुई वोटिंग को लेकर भी मंत्रणा हुई।

बहुत दिन बाद मिला समय

भाजपा प्रत्याशी पुरुषोत्तम खंडेलवाल चुनाव में पूरे 21 दिन व्यस्त रहे। प्रचार के लिए रोज सुबह छह बजे घर से निकलने के बाद रात एक बजे ही वापसी हो पाती थी। दिन का खाना हो या रात का, गाड़ी मेें ही होता था। 18 लोगों का परिवार साथ होते हुए भी जैसे दूर था। मतदान के बाद रविवार रात पुरुषोत्तम खंडेलवाल देर से घर गए। लेकिन सुबह सात बजे सोकर उठे। जबकि चुनाव के दौरान साढ़े चार से पांच बजे उठना पड़ता था। आज समर्थकों की भीड़ भी घर पर नहीं थी। सो पूरा समय मां माया देवी, बड़ी भाभी शशि, पत्नी रागिनी, बेटे शिवांग और भतीजे कृष्णा के संग बिताया। दोपहर के बजे के बाद घर से निकले और बूथों पर पड़े वोटों के बाबत जानकारी ली। बोले, आज काफी दिन बाद परिवार के लिए समय मिला है।

सुबह परिवार, दोपहर में मंडी की दौड़

सपा-बसपा और रालोद गठबंधन प्रत्याशी सूरज शर्मा चुनाव प्रचार के लिए सुबह छह बजे घर से निकलते थे, ऐसे में चार बजे हर हाल में बिस्तर छोडऩा होता था। लेकिन सोमवार को छह बजे सोकर उठे। फिर मां मंजू शर्मा और पिता मधुसूदन शर्मा के साथ चाय पी और नाश्ता किया। घर पर समर्थकों की भीड़ न के बराबर थी। जो समर्थक आए, उनसे बूथवार वोटों का हाल साझा किया। इसके बाद मंडी समिति ईवीएम की जानकारी लेने पहुंचे। अपराह्न तीन बजे घर पहुंचे और फिर दो-तीन समर्थक और परिवार के साथ समय बिताया। बोले, दौड़भाग में काफी थका था, आज सुकून है। परिवार को पूरा समय दिया।

नाती-नातिनों के साथ बिताया समय

सोमवार आगरा उत्तर विधानसभा के उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी रणवीर शर्मा के लिए थोड़ा राहत भरा रहा। उन्होंने घर पर बच्‍चों के साथ वक्त बिताया। पिछले कुछ दिनों से चुनावी व्यस्तता के चलते वो बच्‍चों को समय नहीं दे पा रहे थे।

रणवीर शर्मा सोमवार सुबह नौ बजे सोकर उठे। कई दिनों से चुनावी भागदौड़ के चलते वो ठीक से सो नहीं पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने नाती-नातिनों सर्वज्ञ, वेदांगी और गप्पू के साथ वक्त बिताया। इसके बाद ऑब्जर्वर का फोन आया तो मंडी समिति चले गए। वहां से लौटे तो आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा के सेक्टर तीन स्थित कार्यालय पर पहुंचे। यहां कार्यकर्ता उनका इंतजार कर रहे थे। यहां उन्होंने 23 मई को मतगणना के लिए काउंटिंग एजेंट्स के फॉर्म भरवाए। रणवीर ने बताया कि टिकट मिलने के बाद से वो परिवार को समय कम दे पा रहे थे। सुबह जल्दी घर से निकलते और देर रात को लौटते थे। बच्‍चे तो जैसे उन्हें भूल ही गए थे। उनके साथ कुछ वक्त बिताकर उनकी थकान दूर हो गई।

 

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