आगरा, जागरण संवाददाता। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम त्योहार के सीजन में कार्रवाई करके फिर निष्क्रिय हो जाती है। विभाग होली, दीपावली और रक्षा बंधन से पहले दस या 15 मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान चलाता है। उसके बाद खुलेआम मिलावटी खाद्य सामग्री बिकती है।

जनपद में दूध, मिठाई, मसाला, पनीर, तेल, खोया और घी के कारोबारी जीवनी मंडी, शास्त्रीपुरम, शाहगंज और बल्केश्वर में बड़े स्तर पर मिलावटी सामग्री तैयार करते हैं। जो आगरा सहित दूसरे जिलों में भी सप्लाई होती है, लेकिन इन पर लगाम लगाने के लिए विभाग नाकाम साबित हो रहा है। जबकि खाद्य अधिकारी आंकड़ों में अपना पायदान ऊंचा रखते हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 5322 निरीक्षण किए गए हैं और 862 खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में जिला अभिहित अधिकारी सहित तीस से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। ये काम दस लोगों के बराबर भी नहीं करते हैं। खाद्य आयुक्त स्तर से अभियान आदेश मिलने के इंतजार में बैठे रहते हैं।

मंडी में धांधली

त्योहार या सहालग के सीजन में खोवा मंडी में बड़ी मात्रा में खोवा देहात क्षेत्र से बिक्री के लिए पहुंचता है और मंडी में भी तैयार किया जाता है। सूत्रों के अनुसार यहां सबसे ज्यादा मिलावट होती है। यहां नकली खोवा तैयार करने के लिए कैमिकल बेचने वाली दुकान भी मौजूद हैं। जिस पर आसानी से कैमिकल मिल जाता है। वहीं, मुख्य खाद्य अधिकारी राम आशीष मौर्य ने बताया कि त्योहार से पहले अभियान के माध्यम से मिलावट खोरों पर कार्रवाई की जाती है उसके बाद बिना अभियान के खाद्य अधिकारी कार्रवाई करते हैं। 

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