आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा में नाइट कर्फ्यू के दौरान भाजपा की महिला कार्यकर्ता के भाई की हत्या कर दी गई। नाइट कर्फ्यू लगने के बाद बिना नंबर की कार में आई महिला समेत तीन लोग अपार्टमेंट में आए। भाजपा की महिला नेता के भाई किशन गोपाल (67 वर्ष) की उनके फ्लैट पर हत्या करने के बाद नकदी-जेवरात लूट लिए। वारदात के बाद हत्यारे रात को दो बजे बिना नंबर की कार से आराम से भाग निकले। मंगलवार को सुबह सनसनीखेज दुस्साहसिक वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। वहीं इस घटना ने नाइट कर्फ्यू में पुलिस की चौकसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी होने पर अाइजी रेंज नवीन अरोड़ा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में घास की मंडी स्थित रामादेवी मार्केट के तीसरे और चौथे तल पर तिरंगा अपार्टमेंट है। इसमें 27 फ़्लैट बने हुए हैं। दूसरे तल पर स्थित फ्लैट में किशन गोपाल (67 वर्ष) अकेले रहते थे। उनका अनाज आदि का थोक का काम है। किशन अग्रवाल की बहन अलका अग्रवाल भाजपा की महिला कार्यकर्ता हैं। बोदला निवासी अलका अग्रवाल की संजय प्लेस में फोटो स्टेट व स्टेशनरी की दुकान है। मंगलवार की सुबह अपार्टमेंट में रहने वाले कुछ लोग किशन अग्रवाल को उनके फ्लैट पर बुलाने गए थे। उसका दरवाजा खुला देखकर अंदर पहुंचे तो होश उड़ गए। किशन अग्रवाल अपने कमरे में मृत मिले।उनका गमछे से गला दबाकर हत्या की गई थी। आशंका है कि इससे पहले उन्हें खाने में कुछ दिया, इससे कि वह बेहोश हो गए। जिसके चलते उन्हाेंने हत्यारों का विरोध नहीं किया था।

अपार्टमेंट के लोगों के सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। इसमें बिना नंबर की कार से एक महिला और उसके दो साथी दिखाई दिए हैं। तीनों लोग रात 11 बजे वहां पहुंचे हैं। इसके बाद आधी रात को दो बजे वहां से निकल गए हैं। जबकि शहर में सोमवार की रात से नाइट कर्फ्यू लागू हो चुका था। किशन अग्रवाल के फ्लैट के कमरों की अलमारी और तिजोरी खुली हुई थीं।उनमें रखे नकदी-जेवरात गायब थे। लूटे गए नकदी-जेवरात की कीमत लाखों रुपये बताई गई है।आइजी रेंज नवीन अरोड़ा ने बताया कि घटना का जल्दी ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।

पत्नी और बेटे की हो चुकी है मौत

किशन अग्रवाल की पत्नी मंजू अग्रवाल और बेटे निखिल अग्रवाल की मौत हो चुकी है। बहन अलका अग्रवाल ने बताया कि वह कई साल से अकेले रहते थे। परिवार और परिचित उनसे मिलने आते रहते थे।

परिचित है हत्यारोपित

किशन अग्रवाल की हत्या करके लूटपाट करने वाले हत्यारोपित उनके परिचित होने की आशंका है। क्योंकि रात में 11 बजे महिला और उसके दो साथी उनसे मिलने आए थे।वहां से करीब तीन घंटे बाद गए थे। इससे माना जा रहा है कि महिला और उसके साथियों की किशन अग्रवाल से बातचीत भी हुई होगी। 

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