आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी के 16 साल के कार्तिकेय ने अपनी चिकित्सक मां के लिए कोरोना से बचाव के लिए एक फेस मास्क बनाया है। इस मास्क को बनाने में घर पर ही रखी प्‍लास्टिक की शीट और अपनी बहन के रबर बैंड की मदद ली है।

गायनाकोलोजिस्ट डा. शिवानी चतुर्वेदी को कोरोना वायरस के खतरे के बीच भी अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए घर से निकलना पड़ता है।डा. चतुर्वेदी ने बताया कि इस बात से उनका पुत्र कार्तिकेय काफी परेशान रहता था। किंतु एक चिकित्सक की जिम्मेदारियों को समझते हुए वो चुप रहता था। हालांकि डा. चतुर्वेदी सुरक्षा के सभी इंतजाम करके ही घर से निकलती थींं। लेकिन एक बेटे के चिंता लाजिमी है। मां की सेहत और चिकित्सक की ड्यूटी के बीच की उधेड़बुन में कार्तिकेय ने अपनी मां के लिए एक फेस मास्क बनाया। इस मास्क को बनाने के लिए घर पर रखी प्‍लास्टिक शीट और अपनी बहन गायत्री के रबर बैंड की मदद ली है।

गुरुवार को डा. चतुर्वेदी जब अपने क्लीनिक जाने के लिए निकलने लगीं तो कार्तिकेय ने यह मास्क उनके हाथ में सौंपा। इस मास्क को लगाकर गाड़ी भी चलाई जा सकती है। मोबाइल पर काम भी किया जा सकता है और मरीजों का चैकअप भी कर सकते हैं। इस मास्क के बाद कार्तिकेय अब एेसा मास्क बना रहे हैं तो दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता हो और सस्ता हो। कार्तिकेय इस समय यूरोप के यूनाइटेड वर्ल्‍ड कालेज से 11वीं कर रहे हैं। 

Posted By: Prateek Gupta

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