आगरा, जागरण संवाददाता। आंखों की एलर्जी की समस्या बढ़ रही है, आंखें लाल होने के साथ जलन होती है। वहीं, मधुमेह रोगियों में शुगर का स्तर नियंत्रित न होने से आंखों की रोशनी जा रही है। इससे बचा जा सकता है। दैनिक जागरण के हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने सवालों के जवाब दिए।

सवाल- बच्ची तीन साल की है, आंखें लाल रहती हैं।

राममूर्ति गुप्ता, फीरोजाबाद

जवाब- एलर्जी के कारण ऐसा हो सकता है, मौसम बदलने पर समस्या बढ़ जाती है। 12 साल की उम्र के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।

सवाल- दो महीने से आंखें भारी रहती हैं, दूर का सही तरह से दिखाई नहीं देता है। धूप में बैठने पर कम दिखाई देता है।

रोहित कुमार, अवधेश शर्मा, रवि प्रकाश आगरा, जय शिखा जैन, जयवीर सिंह, फीरोजाबाद

जवाब- नेत्र परीक्षण करा लें, आंखों की रोशनी कम होने के कारण ऐसा हो सकता है, डॉक्टर से परामर्श लेकर आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर लें, इससे आंख भारी नहीं रहेंगी।

सवाल- पढ़ने में परेशानी होती है। विमल कुमार, आगरा

जवाब- चश्मे का नंबर बदलवा लें। यह ठीक हो जाएगा।

सवाल- 22 साल का बच्चा है, बुखार आया था, इसके बाद से कम दिखाई देता है।

राजबहादुर, एका

जवाब- वायरल बुखार आने से आंखों के अंदर होने वाले स्राव में रुकावट के कारण यह समस्या हो सकती है। दवाओं से ठीक न होने पर ऑपरेशन किया जाता है, तुरंत दिखा लें, इससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

सवाल- आंखों से पानी आता रहता है।

श्री कृष्ण मैनपुरी

जवाब- आंखों के अंदर स्राव होता है, यह ज्यादा होने लगे, आंख से आंसू न आएं तो इस तरह की समस्या हो सकती है।

सवाल- मधुमेह है, इससे आंखों पर असर तो नहीं पड़ेगा।

मनोहर सिंह, टूंडला

जवाब- मधुमेह रोगियों में अनियंत्रित शुगर से पांच से छह साल में आंखों पर असर पड़ने लगता है। ऐसे केस में डायबिटिक रेटिनोपैथी से आंखों की रोशनी जा सकती है। एक बार रोशनी जाने के बाद दोबारा वापस नहीं आती है।

सवाल- तीन साल पहले मोतिया¨बद का ऑपरेशन कराया था, अब कम दिखाई देता है। दिनेश जैन, आगरा

जवाब- आंखों के अंदर बन रहे पानी के बाहर निकलने के रास्ते में ब्लाकेज होने पर यह समस्या हो सकती है। डॉक्टर से परामर्श ले लें।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, दो दो चित्र दिखाई देते हैं। नरेश, टूंडला

जवाब- यह मोतियाबिंद के कारण हो सकता है।

जागरण के सवाल

सवाल- आंखें में जलन, दर्द और लाल हो जाती हैं।

जवाब- यह एलर्जी के कारण होता है, वातावरण में अति सूक्ष्म कण 2.5 का स्तर बढ़ने से यह समस्या हो सकती है। चश्मा पहन कर निकले, साफ पानी से आंख धोएं, इससे कम समस्या होगी।

सवाल- मोतियाबिंद के ऑपरेशन में लैंस की गुणवत्ता का रोशनी पर भी असर पड़ता है।

जवाब- ऐसा नहीं है, जितनी रोशनी है, वह किसी भी गुणवत्ता का लैंस से उतनी ही रोशनी आएगी। अत्याधुनिक लैंस महंगे हैं लेकिन सस्ते लैंस से भी कोई परेशानी नहीं होती है।

सवाल- मधुमेह रोगी क्या करें, जिससे रोशनी पर असर न पड़े।

जवाब- मधुमेह रोगियों में आंखों में ब्लड की सप्लाई कम होने लगती है, प्रारंभिक अवस्था में इलाज न होने पर नस डैमेज हो जाती हैं और आंखों की रोशनी जा सकती है, यह लौटती नहीं है। इससे बचने के लिए साल में दो से तीन बार चेकअप करा लें।

सवाल- आंख का प्रेशर बढ़ने के क्या कारण होते हैं।

जवाब- 40 साल की उम्र के बाद आंखों में होने वाला स्राव सही तरह से बाहर नहीं निकलता है इससे प्रेशर बढ़ने लगता है। प्रेशर लगातार बढ़ा रहे तो आंखों की रोशनी जा सकती है।

सवाल- कंप्यूटर और मोबाइल पर घंटों काम करने से कोई परेशानी हो सकती है।

जवाब- इससे ड्राई आई की समस्या हो रही है, इससे बचने के लिए 30 से 45 मिनट के बाद गैप लें और आंख को साफ पानी से साफ कर लें, आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकते हैं।