आगरा, जागरण संवाददाता। किसान आंदोलन को समाप्त कराने और किसानों को नए कृषि कानूनों के बारे में समझाने के लिए भाजपा जुटी गई है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें बारीकियां समझाई गई हैं। संगठन पत्र को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने में जुटा है, तो पार्टी कार्यकर्ता भी किसानों के पास जाकर इसे सुना रहे हैं। वहीं आरएसएस के सहयोगी संगठन भारतीय किसान संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। संगठन विरोध जताने की रणनीति तैयार कर चुका है।

किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने बताया कि 21 दिसंबर काे संगठन सड़क पर उतरकर विरोध जताएगा। प्रांत के सभी जिलों में जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होंगे। किसान हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बिकेगी, सरकार ऐसी व्यवस्था करे। गैर कृषि ओद्यौगिक उत्पादों को कंपनियां स्वयं द्वारा निर्धारित कीमतों पर बेचती हैं। ये कीमत उनकी उत्पादन लागत से अधिक होती है। किसानों को अपनी लागत मूल्य के आधार पर उपज बेचने की सुविधा मिलनी चाहिए। मंडियों से बाहर होने वाली खरीद पंजीकृत व्यापारियों के द्वारा ही की जाए। स्वतंत्र कृषि न्यायालय की स्थापन हर जिला स्तर पर की जाए। किसानों को न्याय भी महीने भर के अंदर मिले ऐसी व्यवस्था की जाए। 

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