आगरा, जागरण संवाददाता। भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के अवतार अपने चरित्र और दिव्य लीलाओं से समाज एवं भक्तों को प्रेम व भक्ति की प्रेरणा देते हैं। जो व्यक्ति श्रीकृष्ण से सच्ची भक्ति करता है एवं नाम, रूप, लीला और धाम में निष्ठा रखता है, उसका कल्याण सुनिश्चित है।

बालाजीपुरम में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को स्वामी रामप्रपन्नाचार्य ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं किसी न किसी रूप में भगवान की महत्ता को प्रकाशित करती हैं, यद्यपि उनके होने का उद्देश्य ऐसा करना नहीं है। मन वश में करना है तो श्रीकृष्ण के चरणों में मन लगाओ। जीवन आनंद से भर जाएगा। ब्रज के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण का निवास है। ब्रज भूमि की जितनी व्याख्या की जाए कम है। उन्होंने पृथ्वी और प्रकृति की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने पर जोर दिया। इससे पूर्व उन्होंने बलि-वामन प्रसंग, श्रीराम चरित्र, श्रीकृष्ण चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथाएं सुनाईं। अरुण पाराशर, महावीर सिंह चाहर, डा. प्रभात कुलश्रेष्ठ, केके भारद्वाज, ठाकुर राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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