आगरा, जागरण टीम। मैले कुचले कपड़े। जुबान में कभी हिंदी तो कभी अंग्रेजी। कभी गुजरात पुट के शब्द। देखने में पढ़ा लिखा लेकिन हालात से मजबूर। भूखे प्यासे इस इंसान को देखकर राह चलते लोगों को भी तरस आ जाता था। बीते तीन महीने में ये आदमी एटा का ही निवासी बन गया हो जैसे। दिन में भीख मांगकर पेट भरने लायक इंतजाम कर लेना और रात में बस स्टैंड में खाली जगह देखकर सो जाना। पांच−10 मिनट जिसने बात कर ली तो वह भी नहीं समझ पाता था कि आखिर ये भीख मांगने वाला शख्स इतनी बढ़िया अंग्रेजी कैसे बोल लेता है।

भला हो सोशल मीडिया का, जिसने इस शख्स के सच को सामने ला दिया। दो दिन पहले वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर व्यक्त का कनेक्शन गुजरात से जुड़ा पाया गया। एटा में भीख मांगते मिले ये व्यक्त सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक दीनू भाई पटेल (70) हैं। अब इन्हें अपने स्वजन का इंतजार है। स्वजन गुजरात में रहते हैं जो दीनू भाई को अपने साथ ले जाएंगे। वे तीन माह बाद अपने परिवार से मिलेंगे।

गुजरात प्रांत के जनपद नवसारी के गांव रानीबेर के रहने वाले दीनू भाई पटेल की मानसिक स्थिति थोड़ी खराब है। तीन माह से उन्हें रोडवेज बस स्टैंड पर विक्षिप्त अवस्था में देखा जा रहा था। दिन में भीख मांगते थे और फिर बस स्टैंड पर ही सो जाते थे। वे यहां कैसे पंहुचे यह तो दीनू भाई भी नहीं बता पा रहे।

दो दिन पूर्व उनका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ तब एटा के लोगों को पता चला कि जिस शख्स को वे भीख मांगते देखते रहे, वह बैंक के रिटायर्ड अधिकारी हैं तो लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं और पुलिस को सूचना दी। तब पुलिस सक्रिय हुई। वे यहां 3 जुलाई को मिले थे। शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामेंद्र शुक्ला ने दीनू भाई से पूछताछ करके पता हांसिल किया। इंटरनेट मीडिया को खंगाला गया। अंतत: स्वजन से संपर्क हो गया।

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दीनू भाई 2009 में रिटायर हुए थे फिर कुछ माह पूर्व अपने घर से गायब हो गए। परिवार के लोग खोजबीन करते रहे मगर पता नहीं चला। अब स्वजन से बात हुई है वे खुश हैं। यहां आकर दीनू भाई वे ले जाएंगे, तब तक बजुर्ग को कोतवाली में रखा गया है। पुलिस इनका हुलिया भी सही करा रही है। 

Edited By: Prateek Gupta