आगरा, जागरण संवाददाता। जून में रूठा रहा मानसून मान गया है। ताजनगरी में बुधवार से बादल अपनी चहलकदमी शुरू कर देंगे। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसके बाद तीन दिन तक जमकर बरसात होगी।

इस बार पूरे जून मौसम आमजन को धूप और उमस से बेहाल किये रहा। आमतौर पर यहां जून के दूसरे सप्ताह में मानसून पूर्व बरसात और अंत तक मानसूनी बारिश शुरू हो जाती है। मगर, पिछले कुछ वर्षों से जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की बारिश हो रही है। आरबीएस कृषि संकाय के शिक्षक डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि देश में मानसून आ चुका है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जुलाई में मानसून की बारिश होगी। तेज बारिश के बाद धूप निकलेगी, एक दो दिन बाद दोबारा बारिश होने की संभावना है। जुलाई के अंत में लगातार कई दिनों तक बारिश हो सकती है। अगस्त के अंत में दो से तीन दिन तेज बारिश की संभावना है। वहीं, सितंबर में भी बारिश होगी। इस बार एक हजार एमएम बारिश की संभावना है।

आगरा में 800 एमएम औसत बारिश

आगरा में 800 एमएम औसत बारिश होती है, लेकिन पिछले साल 1100 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

तीन से छह जुलाई तक बारिश की संभावना

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तीन को बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है, चार जुलाई को भी बारिश हो सकती है। पांच जुलाई को बादल छाए रहेंगे। वहीं, छह जुलाई को भी बारिश की संभावना है। सात जुलाई से बादल छट जाएंगे और धूप निकलेगी।

पिछले वर्षों जुलाई में हुई बारिश

जुलाई 2018 - 322 एमएम

जुलाई 2017 - 106.6 एमए

जुलाई 2016 - 567 एमएम

जुलाई 2018 में हुई मानसून की बारिश

11 जुलाई - 46.4 एमएम

13 जुलाई - 21.2 एमएम

15 जुलाई - 22.6 एमएम

19 जुलाई - 19 एमएम

22 जुलाई - 28.6 एमएम

26 जुलाई - 104 एमएम

हवा में हुआ सुधार, 73 रहा एक्यूआइ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को आगरा में एक्यूआइ 73 रहा। यह रविवार के 86 एक्यूआइ से कुछ कम था। सीपीसीबी की गाइडलाइन के अनुसार 0-50 तक एक्यूआइ रहने पर वायु गुणवत्ता को मानव स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है।

सीपीसीबी द्वारा प्रतिदिन शाम को पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति का आकलन किया जाता है। ऑटोमेटिक मॉनीटङ्क्षरग स्टेशनों के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट जारी की जाती है। आगरा में केवल संजय प्लेस में ही ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग स्टेशन है। इसी के आंकड़ों के आधार पर शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति का आकलन सीपीसीबी करता है। 

Posted By: Tanu Gupta