आगरा: रहनकला गांव में शुक्रवार को अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर दबंगों ने हमला बोल दिया। पथराव के बाद धारदार हथियार से लैस लोगों ने दो दारोगा और एक सिपाही को कमरे में बंधक बना लिया। कमरे के चारों ओर फूस एकत्र कर जिंदा जलाने का प्रयास किया। उन्हें छुड़ाने पहुंचे अधिकारियों पर भी हमला बोल दिया। पुलिस ने फाय¨रग करबंधक पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला। हमले व पथराव में तीन पुलिसकर्मियों समेत सात लोग घायल हुए हैं।

एत्मादपुर के गढ़ी रामी निवासी सुखदेवी की रहनकलां स्थित सवा बीघा पर दबंग पूरन पाल एवं प्रेम सिंह ने कब्जा कर रखा है। शुक्रवार को अवैध कब्जा हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन की टीम लेकर पहुंची। इसमें तहसीलदार प्रेमपाल सिंह, नायब तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह, राजस्व विभाग एवं लेखपाल आदि जेसीबी लेकर गए थे। टीम ने जेसीबी से कब्जा हटाना शुरू किया, तो लाठी-फरसों से लैस पूरन व प्रेम पाल पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। छतों से पथराव शुरू कर दिया। अचानक हमले से टीम में भगदड़ मच गई। चौकी प्रभारीछलेसर अश्विनी मिश्रा, एसआइ मुकेश कुमार, सिपाही रामधनी मौर्य पथराव में घायल हो गए। इसके बाद हमलावरों ने तीनों को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया। चारों ओर फूस जमा करके उसमें आग लगा दी। कमरे में कैद दोनों दारोगा और सिपाही लपटों में घिर गए। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए अधिकारियों को फोन किया। इसके बाद एसपी ग्रामीण डॉ. अखिलेश नारायण, एसडीएम अभिषेक कुमार, सीओ अतुल सोनकर भारी संख्या में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फोर्स ने गांव में घुसने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने दोबारा पथराव कर रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने हवाई फाय¨रग कर उन्हें बचाया। पुलिस पर हमले के मामले में सुखदेवी की तहरीर के बाद हमलावरों की गिरफ्तारी दबिश दी जा रही हैं।

अखिलेश नारायण

एसपी ग्रामीण

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