आगरा, जागरण संवाददाता। धुंध अस्थमा रोगियों के लिए घातक साबित हो रही है। उन्हें अटैक पड़ रहे हैं। इससे बचने को धूप निकलने पर ही अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीडि़त घर से बाहर निकले। वहीं, शुक्रवार को एसएन में अस्थमा अटैक के छह मरीज भर्ती किए गए। इनमें दो को ऑक्सीजन पर रखा गया है।

दीपावली के बाद से प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। इससे अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों की सांसें उखडऩे लगी हैं। वह खांसते-खांसते परेशान हैं। एसएन के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट की ओपीडी में 200 मरीज पहुंचे। इसमें से 50 फीसद की सांस फूल रही थी, इनकी इन्हेलर की डोज बढ़ाई गई। टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि अस्थमा अटैक के छह मरीज भर्ती किए गए। इनमें से दो को ऑक्सीजन पर रखा गया है। सुबह और शाम को धुंध छा रही है, इसमें जहरीली गैस के साथ पर्टिकुलेट मैटर 2.5 सूक्ष्म कण का स्तर अधिक है। इनसे सांस नलिकाओं में सूजन हो रही है। अस्थमा रोगियों की सांस फूलने लगी है, इस मौसम में अस्थमा और सीओपीडी के मरीज धूप निकलने पर ही घर से बाहर निकले। सुबह और रात को घर से बाहर निकलने से बचे।

छींकते-छींकते परेशान, गला हो रहा खराब

सल्फरडाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, ओजोन का स्तर बढऩे से लोग छींकते-छींकते परेशान हैं। वहीं, लोगों का गला खराब हो रहा है। बच्चे और युवा गला खराब और छींक की समस्या होने पर एसएन, जिला अस्पताल और निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं।

दो से तीन दिन में सामान्य हो जाएंगे हालत

दीपावली के बाद से प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि दो से तीन दिन में हालात सामान्य हो सकते हैं। इसके बाद परेशानी नहीं होगी।  

Posted By: Prateek Gupta

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