आगरा, जागरण संवाददाता। रात दिन के उतार चढ़ाव से जीव जंतुओं के प्रजनन पर असर पड़ रहा है। सालों से इसका अध्ययन (क्रोनोबायोलॉजी) आगरा कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमिता सरकार कर रही हैं। उन्हें शोध कार्य के लिए उच्च शिक्षा के राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया है। शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को लखनऊ में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

मेरठ की मूल निवासी डॉ. अमिता यहां दयालबाग में निवास करती हैं। उनके प्राणी विज्ञान विषय पर 60 से अधिक शोध पत्र हैं, जो राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। इनके शोध के विषय फिजियोलॉजी, एंडोक्राइनोलोजी, क्रोनोबाइलोजी, इकोलोजी, वाइल्डलाइफ आदि रहे हैं। प्राणी विज्ञान पर 25 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो पाठ्यक्रम में शामिल हैं। इनके निर्देशन में कई विद्यार्थी पीएचडी कर चुके हैं। इनकी एक छात्र को नेशनल साइंटिस्ट का अवार्ड मिल चुका है। अभी तक मिली सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व अन्य परिजनों को देती हैं। उन्होंने बताया कि आजकल जो डिग्री दी जा रही हैं, उनसे युवाओं को नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए, कम मेहनत से या जुगाड़ करके कोई डिग्री या डिप्लोमा तो मिल सकता है, लेकिन भविष्य उज्ज्वल के लिए अथक मेहनत बहुत जरूरी है।

60 शोध पत्र प्रकाशित, साहित्य की ओर अग्रसर

डॉ.अमिता की रुचि हिंदी साहित्य में शुरू से ही थी, लेकिन अब वे इस ओर अग्रसर हो चुकी हैं। हाल ही में प्रकाशित एक काव्य संग्रह में भी उनकी काव्य रचनाओं का प्रकाशन हुआ है। वे हिंदी साहित्य से जुड़ी कई संस्थाओं में भी सक्रिय हैं।

 

Posted By: Prateek Gupta

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