आगरा, जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय इकाई में सत्र 2022-23 से नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे।नए पाठ्यक्रमों के लिए एआइसीटीई से स्वीकृति मिल चुकी है।हर पाठ्यक्रम में 60 छात्रों के लिए सीटें होंगी।

नैक निरीक्षण से पहले एआइसीटीई की स्वीकृति मिलने से विश्वविद्यालय ने राहत की सांस ली है। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन(एआइसीटीई) से स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार सिविल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल में डिप्लोमा और एमसीए पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इससे पहले एआइसीटीई से स्वीकृत इंजीनियरिंग विभाग में कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल और इलेक्ट्रोनिक्स के साथ सेठ पदमचंद जैन संस्थान में एमबीए संचालित था। इसके साथ ही संस्कृति भवन में बैचलर इन होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलाजी भी शुरू होगा। प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि पहले इंजीनियरिंग और एमबीए की अलग-अलग आइडी थी, लेकिन अब विश्वविद्यालय को एक आइडी मिली है। हर पाठ्यक्रम में 60 सीटें स्वीकृत हुई हैं, केवल एमसीए में 40 सीटें हैं। विश्वविद्यालय द्वारा 1994 से एमसीए पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा था, लेकिन उसे एआइसीटीई से स्वीकृति नहीं थी।

24 विदेशी छात्रों की पालीटिकल क्लीयरेंस का इंतजार

केंद्रीय हिंदी संस्थान में सत्र 2022-23 के लिए लगभग 60 विदेशी छात्रों को पालीटिकल क्लीयरेंस मिल चुका है।24 विदेशी छात्रों के पालीटिकल क्लीयरेंस का इंतजार है सभी का पालीटिकल क्लीयरेंस आते ही छात्रों के टिकट की व्यवस्था की जाएगी।इसके बाद सितंबर में कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

इस साल 16 देशों के 83 विदेशी छात्रों का चयन किया गया है। विदेशी विभागाध्यक्ष जोगेंद्र मीणा ने बताया कि क्लीयरेंस मिलने के बाद चयनित छात्रों को ई-मेल के माध्यम से प्रवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा, उन्हें टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।कक्षाएं सितंबर प्रथम सप्ताह में शुरू करने की योजना है।सर्वाधिक 21 छात्र श्रीलंका से चयनित किए गए हैं। इसके बाद चीन से आठ, तजाकिस्तान से 13, उज्बेकिस्तान से सात, दक्षिण कोरिया से पांच, थाईलैंड से पांच व अन्य देशों से भी इसी तरह विदेशी अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। कोरोना के कारण दो साल से संस्थान में आनलाइन कक्षाएं संचालित की गई थीं। इस साल आफलाइन कक्षाएं संचालित करने की योजना बना रहा है, हालांकि यह सब कुछ कोरोना संक्रमण के मामलों और स्थिति पर निर्भर करता है।24 विदेशी छात्रों की पालीटिकल क्लीयरेंस भी दस दिन में संस्थान तक पहुंच जाएगी।उसके बाद टिकट की व्यवस्थाकी जाएगी। बता दें कि संस्थान में आकर हिंदी सीखने वाले विदेशी छात्रों के आने-जाने, रहने और खाने का ख र्चा संस्थान द्वारा उठाया जाता है। इसके अलावा हर महीने हर विदेशी छात्र को छात्रवृत्ति भी दी जाती है। 

Edited By: Tanu Gupta