आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा में हुनर हाट में शनिवार की शाम गीत-संगीत का धमाल मचा। गायिका हेमा सरदेसाई की गीतों पर दर्शक खूब थिरके। उन्होंने एक से बढ़कर एक गाना सुनाया। अल्ताफ राजा की कव्वालियों ने समा बांध दिया। कव्वालियों के बीच में उनकी शायरी पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।

हेमा सरदेसाई ने ''''आवारा भंवरे जो होले-होले गाए'''' गाने से अपने शुरुआत की। रंग-बिरंगी लाइटों के बीच उन्होंने अपने सुर बिखरे। अपुन बोला तू मेरी लैला, चोरी-चाेरी दिल ले गया, मैं कुड़ी अंजानी, शहर अंजाना आदि गानों को श्रोताओं ने सराहा। दीर्घा में बैठे तमाम युवा मंच के सामने आ गए और थिरके।

भीड़ बढ़ती देख पुलिस को कुछ लोगों को रोकना पड़ा। इससे पहले कव्वाली गायक अल्ताफ राजा ने ''''दिल का हाल सुने दिल वाला'''' कव्वाली से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ''''उनकी नजरों ने कुछ ऐसा जादू किया'''' और ''''दोनों ही मोहब्बत के जजबात में जलते हैं'''' कव्वाली सुनाई। मगर, जब उन्होंने ''''इश्क में हम तुम्हें क्या बताएं, किस कदर चोट खाए हुए हैं'''' कव्वाली सुनाई तो पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हुनर हाट घूमने आए लोगों ने देर रात तक गीत-संगीत का आनंद लिया।

शनिवार को जुटी भीड़

देशभर की कला और संस्कृति को देखने से मन नहीं भर रहा। चौथे दिन शनिवार को हुनर हाट में काफी भीड़ रही। तमिलनाडु से लेकर जम्मू-कश्मीर, राजस्थान से लेकर असम-मेघालय, कर्नाटक से लेकर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र से लेकर झारखंड, गुजरात से लेकर हरियाणा, हिमाचल से लेकर दिल्ली तक के हस्तनिर्मित उत्पाद की जमकर खरीदारी हो रही है। लोगों ने देर रात तक रंगा-रंग शाम का आनंद लिया।

एक ही जगह देशभर का स्वाद

हुनर हाट में कुल्फी, शिकंजी, लस्सी, कुल्हड़ चाय, तंदूरी चाय से लेकर बिहार का लिट्टी चोखा, दिल्ली के छोले भटूरे, राजमा-चावल, हरियाणा की स्पेशल रबड़ी जलेबी, दिल्ली की चाट, राजस्थान का दाल-बाटी चूरमा, महाराष्ट्र का वड़ा पाव, कर्नाटक के पारंपरिक पकवान और अन्य तमाम तरह के लज़ीज़ व्यंजन मौजूद हैं। 

Edited By: Abhishek Saxena