आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के साथ ही उत्तर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भी शिकस्त पाया गठबंधन अब हार पर मंथन करेगा। तीनों दलों के एक साथ होने के बाद भी प्रत्याशी जीत की माला नहीं पहन पाए। इसे लेकर सपा और बसपा गहन समीक्षा करेंगी। भितरघात करने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। उन पर कार्रवाई को सूची नेतृत्व को भेजी जाएगी।

इस बार आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा की सीटें गठबंधन में बसपा के पाले में आई थीं। आगरा लोकसभा से मनोज सोनी और फतेहपुर सीकरी से श्रीभगवान शर्मा को मैदान में उतारा गया। वहीं आगरा उत्तर विधानसभा सीट के उपचुनाव में सपा से सूरज शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया। आगरा में बीते चुनावों की अपेक्षा गठबंधन प्रत्याशी को अब तक सबसे ज्यादा वोट मिले, लेकिन जीत की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही हाथी हांफ गया। करीब दो लाख से भी अधिक मतों से उसे शिकस्त मिली। वहीं फतेहपुर सीकरी का किला 2009 में फतेह करने वाली बसपा का प्रत्याशी इस बार तीसरे नंबर पर रहा। 1.66 लाख मत मिले। इतनी बड़ी हार की उम्मीद नहीं थी। यही हाल उत्तर के उपचुनाव में सपा प्रत्याशी का हुआ। यहां भी बड़ी हार का सामना करना पड़ा। सपा ने तो उन लोगों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जो दूसरे दलों के लिए काम करते रहे। अब इन पर गाज गिराने की तैयारी की जा रही है।

होगी समीक्षा 

पहले प्रदेश स्तर पर समीक्षा होगी, उसके बाद जिला स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी के जिन लोगों ने गड़बड़ी की, उन पर भी कार्रवाई होगी।

रविंद्र पारस, जिलाध्यक्ष बसपा।

कई लोगों ने गद्दारी की है, उन्हें चिन्हित किया गया है। हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। भितरघात करने वालों के नाम नेतृत्व को भेज कार्रवाई कराई जाएगी।

वाजिद निसार, महानगर अध्यक्ष सपा।  

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Posted By: Tanu Gupta

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