आगरा (जेएनएन)। गुरुवार को आगरा के तारघर मैदान की कड़क धूप में अखिलेश यादव का समाजवादी पार्टी पर पूरी तरह राज कायम हो गया। पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें पांच साल के लिए निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया। पिता मुलायम सिंह यादव ने उन्हें आशीर्वाद दिया तो चाचा शिवपाल ने भी बधाई दी।

 

दोबारा ताजपोशी से आह्लादित अखिलेश ने न सिर्फ 2019 के चुनाव के लिए हुंकार भरी बल्कि मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह सीबीआइ से डरने वाले नहीं हैं। वह भाजपा को बेनकाब करने के लिए लोगों के बीच जाएंगे।

 

कई राज्यों से जुटे लगभग पंद्रह हजार प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी सपा गुरुवार को अखिलेश के पीछे नजर आई। राज्य सम्मेलन में जहां खुद अखिलेश और अन्य वक्ताओं ने सीधे तौर पर शिवपाल पर हमले बोले थे, वहीं, यहां उनका जिक्र तक नहीं हुआ। अखिलेश के निशाने पर मोदी-योगी सरकार रही। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में विकास की योजनाएं शुरू की। डायल-100, 108, 102 जैसी योजनायों को खत्म कर दिया। लोग परेशान हैं।

 

हम रैली करेंगे, शिविर लगाएंगे और लोगों से बात करेंगे। उनका समंर्थन मांगेंगे। अखिलेश ने कहा कि दिल्ली की सरकार ईडी और सीबीआइ से लोगों को डराती है लेकिन, हम पहले से ही सीबीआइ क्लब में हैं। हम चुनौतियों का सामना करेंगे।

 

इससे पहले आजम खां ने लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए अखिलेश से कहा कि जरूरत पडऩे पर उन्हें भी सीबीआइ के सामने तनकर खड़े होना होगा। सपा अध्यक्ष ने एक बार फिर नोटबंदी, जीएसटी और किसानों की कर्ज माफी को लेकर भाजपा को घेरा।

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सपा के झंडे, बैनरों से पटी ताजनगरी में पार्टी के महासचिव  प्रो. रामगोपाल यादव ने आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। इसमें अर्थव्यवस्था, नोटबंदी आदि को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने संविधान में किए गए संशोधनों को भी रखा। इससे पहले पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता आजम खां ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया कि देश के बादशाह ने नौकरी देने का वादा किया था। कहां गए वो वादे।

 

देश का राजा झूठा नहीं होता। झूठा हो तो बादशाह नहीं होता। उन्होंने छोटे बादशाह की संज्ञा देते हुए योगी पर भी हमला बोला कि वह इतिहास पढ़ें, उन्हें मालूम हो जाएगा कि हमारे पूर्वज कौन हैं। स्वागत भाषण करते हुये पूर्व सांसद रामजी लाल सुमन ने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा।

 

सम्मेलन को उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, महासचिव नरेश अग्रवाल, सांसद जया बच्चन, डिंपल यादव, अरविंद सिंह गोप, अभिषेक मिश्र, राम गोविंद चौधरी, इंद्रजीत सरोज जावेद आब्दी ने भी संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने संचालन किया। 

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अखिलेश यादव को पांच वर्ष के लिए पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के संविधान में भी संशोधन किया गया। पहले पार्टी के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता था। इससे पहले मुलायम सिंह यादव पार्टी के अध्यक्ष थे। समाजवादी पार्टी की रार के बीच में इसी वर्ष जनवरी में लखनऊ में आपातकालीन अधिवेशन बुलाकर अखिलेश यादव को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया था, जबकि मुलायम सिंह यादव की गैरमौजूदगी में उनको समाजवादी पार्टी का संरक्षक बनाया गया था।

 

समाजवादी के नए संविधान के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर पांच वर्ष के लिए अखिलेश यादव की ताजपोशी हुई, जबकि इससे पहले जनवरी में उन्हें अध्यक्ष चुना गया था। इस कार्यक्रम में देश भर के करीब 15 हजार सपा के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया गया। बुधवार की शाम को ही देश भर के सपा प्रतिनिधि आगरा पहुंच चुके हैं।

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इससे पहले समाजवादी पार्टी का 10वां राष्ट्रीय सम्मेलन आगरा में शुरू हो गया। अखिलेश यादव ने  झंडारोहण करके कार्यक्रम का आगाज किया। इस सम्मेलन में अखिलेश यादव को पांच साल के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

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सपा महासचिव आजम खान, रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, धर्मेंद्र यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।

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आगरा के तारघर मैदान में हो रहे सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित 25 राज्यों के पार्टी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इससे पहले राज्यसभा सांसद तथा फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन भी आज पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने आगरा पहुंची।

Posted By: Dharmendra Pandey

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