अखिलेश यादव ने नामांकन से ठीक पहले किया 'खेला' आकाश अग्रवाल को बनाया आगरा शिक्षक स्नातक सीट से प्रत्याशी
पिछले चुनाव में निर्दलीय जीतने वाले शिक्षक एमएलसी आकाश अग्रवाल ने भाजपा से टिकट न मिलने के बाद सपा का ...और पढ़ें

आकाश अग्रवाल।
HighLights
आकाश अग्रवाल ने भाजपा से टिकट न मिलने पर सपा का दामन थामा।
अब वे सपा से आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव लड़ेंगे।
2020 में निर्दलीय जीतकर भाजपा प्रत्याशी को हराया था।
यशपाल चौहान, आगरा। पिछले चुनाव में निर्दलीय जीतने वाले शिक्षक एमएलसी आकाश अग्रवाल इस बार सपा से मैदान में उतरे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को हराने वाले आकाश इस बार भाजपा से टिकट की आस में थे। । उन्होंने कोई प्रत्यावेदन तो नहीं दिया, लेकिन पार्टी के जनप्रतनिधि भी उनकी पैरवी में लगे थे।
मगर, मंगलवार को पार्टी की ओर से इटावा के हरिकिशोर तिवारी को शिक्षक एमएलसी के लिए अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद उनकी टिकट की आस टूट गई। शनिवार को उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। पार्टी की ओर से उन्हें पूर्व में घोषित प्रत्याशी प्रकाश चंद्र गुप्ता को बदलकर आकाश अग्रवाल को आगरा खंड शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। अब वे सपा से चुनाव लड़कर भाजपा प्रत्याशी को चुनौती देंगे।
वर्ष 2020 में भाजपा प्रत्याशी को हराकर निर्दलीय जीता था चुनाव
प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक क्षेत्र की छह सीटों में से तीन पर वर्ष 2020 में भाजपा ने कब्जा जमाया था। मगर, आगरा में खंड में भाजपा का जादू नहीं चला था। आगरा खंड शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के दिनेश चंद्र वशिष्ठ को दो हजार से अधिक वोटों से हराया था। शिक्षकों की हर समस्या के लिए वे साथ खड़े रहे। इस बार आकाश अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में थे। उन्हें शिक्षक एमएलसी के लिए भाजपा से टिकट की मिलने की उम्मीद थी। पिछले कुछ समय से उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं भी होने लगी थीं।
भाजपा से टिकट न मिलने के बाद थामा सपा का दामन
भाजपा के दो जनप्रतिनिधि उनकी शीर्ष स्तर पर पैरवी भी कर रहे थे। मगर, अंतिम चरण में वे पिछड़ गए। भाजपा ने आगरा खंड से इटावा के इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी पिछले चुनाव में आगरा खंड स्नातक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। इस बार पार्टी ने उन पर दांव लगाया है। इसके पीछे जातिगत समीकरण माने जा रहे हैं।
अब संगठन से मिलेगी मजबूती
भाजपा से प्रत्याशी घोषित होने के बाद एमएलसी आकाश अग्रवाल भाजपा से टिकट की दावेदारी करने से इनकार करने लगे। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद भी उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले थे। मगर, वे सपा नेताओं के संपर्क में थे। भाजपा प्रत्याशी को चुनौती देने के लिए उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। शनिवार को लखनऊ में उनके द्वारा पार्टी ज्वाइन करने के बाद ही उन्हें सपा की ओर से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
