आगरा, जागरण संवाददाता। परीक्षार्थी बड़े अरमान से शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने आए थे। बाहरी जिलों के अभ्यर्थी रात से ही जिले में जुटना शुरू हो गए थे। होटलों में कमरा न मिलने पर कुछ को खुले में सर्द रात काटनी पड़ी। भविष्य की खातिर इसका उन्हें कोई शिकवा नहीं था, लेकिन परीक्षा शुरू होने के बाद रद हुई तो गुस्सा फूट पड़ा।

कड़ी सुरक्षा के बाद भी पेपर लीक होने को उन्होंने सरकार की नाकामी करार दिया। सभी आक्रोशित थे। पेपर आसान था, उम्मीद है, आसानी से निकल जाता। उन्होंने सवाल उठाए कि सरकार पेपर की ही सुरक्षा नहीं कर सकती, तो हमें नौकरी की गांरटी क्या देगी। जयपुर से आईं परीक्षा देने

जयपुर निवासी भाविका मिश्रा पिता के साथ परीक्षा देने शनिवार देर रात आगरा पहुंची। स्टेशन पर रात गुजारी और रातभर पेपर की तैयारी की। सुबह परीक्षा शुरू होने के बाद पेपर रद हुआ, तो उनके अरमान टूट गए। वह पिछले एक साल से आनलाइन-आफलाइन तैयारी कर रही थीं। पेपर भी आसान था। सारी मेहनत गई बेकार

मीनाक्षी राज 850 किसी दूर गुजरात के विजापुर से परीक्षा देने आई थीं। उनका कहना था कि मायका फिरोजाबाद में है, वहां दो वर्षीय बेटे को छोड़कर पति के साथ एमडी जैन इंटर कालेज परीक्षा देने पहुंची। प्रश्न आसान थे, लेकिन अचानक इसे रद कर दिया गया। वह बेहद निराश हैं। सारी मेहनत बेकार गई। अब अगले महीने फिर मेहनत करनी पड़ेगी।

वहीं, मैनपुरी निवासी सुमन भी परीक्षा रद होने से निराश थीं। उनका कहना था कि पिछले एक साल की तैयारी दूसरों की गलती से बेकार साबित हुई। हमारी क्या गलती, जो हमें मिली सजा

परीक्षा देने तमाम दिव्यांग भी आए। ताजगंज निवासी रोशनलाल का कहना था कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं, शिक्षक नौकरी की आस में पिछले छह महीने से 15 हजार खर्च कर कोचिग ले रहे थे, लेकिन पेपर रद होने से निराश हैं, सारी मेहनत नए सिरे से करनी पड़ेगी। पेपर किसी ने लीक किया, पेपर की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, हमारी क्या गलती है, जो हम परेशानी भुगत रहे हैं।

दिव्यांग भारती का कहना था कि पिछले डेढ़ साल से यूपी टेट की तैयारी कर रही हूं। सरकार की नाकामी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसमें हमारा क्या दोष है।

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