जागरण संवाददाता, आगरा : गुरुवार को शहर की जलापूर्ति को झटका लगा। सुबह और शाम को एक चौथाई शहर में पानी नहीं आया। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद भी जल संस्थान ने पानी के टैंकर नहीं भेजे।

गोकुल बैराज से गुरुवार सुबह 764 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसका असर यमुना नदी के जलस्तर पर पड़ा और जलस्तर 479.5 फीट (न्यूनतम जलस्तर 480 फीट है) पर पहुंच गया। न्यूनतम जलस्तर से नीचे पहुंचने के कारण जीवनी मंडी वाटरव‌र्क्स और एमबीबीआर प्लांट के पंप हांफ गए। वाटरव‌र्क्स से 130 और एमबीबीआर से 110 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई। सुबह व शाम को पीपल मंडी, काला महल, जीवनी मंडी रोड के आसपास, बेलनगंज, गधापाड़ा, बालूगंज, सुभाष बाजार, किनारी बाजार, नया बांस, जोशियाना, वाल्मीकि बस्ती, कमलानगर में नई और पुरानी अवधेशपुरी, मनोहरपुर, गुदड़ी मंसूर खां सहित अन्य क्षेत्र शामिल रहे। खंदारी, संजय प्लेस, लायर्स कालोनी, शाहगंज, राजा की मंडी, नामनेर में पानी का प्रेशर कम रहा। उधर, शुक्रवार को भी पानी का संकट बरकरार रहेगा। जल संस्थान के महाप्रबंधक संजीव रामचंद ने बताया कि अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग के अफसरों को पत्र लिखा गया है। जलस्तर में और भी आएगी कमी

शुक्रवार को यमुना नदी के जलस्तर में और भी कमी आ सकती है। गोकुल बैराज से कम पानी छोड़ने के चलते जलस्तर में कमी होगी। जलस्तर 479 फीट पर पहुंच सकता है। गंगा दशहरा के चलते नहीं छोड़ा पानी

गोकुल बैराज से गुरुवार को कम पानी छोड़ा गया। इसकी वजह गंगा दशहरा है। जल संस्थान के अफसरों की मानें तो शुक्रवार को एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकता है। शनिवार से यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी।

Posted By: Jagran

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