आगरा,जागरण संवाददाता। पहले पंचायत चुनाव और अब कोरोना संक्रमण। इसके चलते आठ मई से शुरू हो रही उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा दूसरी बार टल गई है। अब शासन 15 मई के बाद बैठक कर संशोधित कार्यक्रम पर विचार करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद केंद्र सरकार व केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने चार मई से प्रस्तावित 10वीं की परीक्षा रद करते हुए 12वीं की परीक्षा आगामी घोषणा तक स्थगित कर दी है। उस कदम के बाद आशंका व्यक्त की जा रही थी कि इसका असर यूपी बोर्ड और काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) की बोर्ड परीक्षा पर भी पड़ेगा। हुआ भी ऐसा ही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुमति के बाद शासन ने आठ मई से प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा को टाल दिया है। अब इसकी अगली तारीखों पर विचार 15 मई के बाद होने वाली बैठक में किया जाएगा। इसके साथ ही शासन ने बढ़ते संक्रमण के कारण कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालयों को भी 15 मई तक के लिए बंद कर दिया है। यह है जिले का हाल यूपी बोर्ड हाईस्कूल में जिले से इस बार बतौर संस्थागत विद्यार्थी 65095 पंजीकरण हुए हैं, जिनमें 38354 बालक और 26741 बालिका हैं। कुल 111 व्यक्तिगत विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 57 बालक और 54 बालिका हैं। वहीं इंटरमीडिएट में संस्थागत कुल 55863 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 33389 बालक और 22474 बालिका हैं। जबकि 639 व्यक्तिगत विद्यार्थी हैं, जिनमें से 449 बालक और 190 बालिका पंजीकृत हैं। सीआइएससीई की घोषणा का इंतजार सीबीएसई और यूपी बोर्ड अपनी बोर्ड परीक्षा टालने की औपचारिक घोषणा कर चुके हैं। अब अभिभावकों को सीआइएससीई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा टलने का इंतजार है। जिले में बोर्ड से संबद्ध 16 विद्यालय हैं, जिनके करीब पांच हजार विद्यार्थी इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। हालांकि उम्मीद सभी को है कि सीआइएससीई की परीक्षा भी टलेंगी, लेकिन अभिभावकों और विद्यार्थियों को औपचारिक घोषणा का इंतजार है।