आगरा, जागरण संवाददाता। जगदीशपुरा के बोदला में पति-पत्नी ने खुदकुशी कर ली। दोनों ने तीन साल पहले प्यार के बाद परिवार वालों की रजामंदी से शादी की थी। पत्नी पढ़ाई के साथ ही नौकरी करना चाहती थी। मगर, 13 महीने का बेटा होने के चलते पति इसके लिए तैयार नहीं था। जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। शनिवार की आधी रात को पति ने कमरे में लगे पंखे पर साफी से फंदा कस लिया। यह देख पत्नी ने भी विषाक्त खाने के बाद हाथ की नस काट कर जान दे दी।

बोदला के राहुल नगर निवासी आकाश सिंह संजय प्लेस स्थित एक बैंक में एक्जीक्यूटिव थे। उनकी उम्र 25 साल थी। चार साल पहले संजय और काल सेंटर में काम करने वाली 23 साल की आरती के बीच प्यार हो गया। आरती के पिता पांच साल पहले राहुल नगर में किराए पर रहते थे। इसके चलते दोनों परिवार एक दूसरे को जानते थे। आरती के पिता परिवार समेत अब ट्रांस यमुना कालोनी में रहते हैं।

दोनों ने अपने प्यार की जानकारी परिवार के लोगों को दी। उन्होंने रजामंदी से दोनों की शादी कर दी। शादी के बाद कुछ समय तक आरती ने नौकरी की। शादी के करीब एक साल बाद सास को कैंसर का पता चलने पर आरती ने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए नौकरी छोड़ दी। इस दौरान उसने आकाश से आगे की पढाई करने की कहा। उसने बी.काम में उसे प्रवेश दिला दिया। इस दौरान आरती ने बेटे को जन्म दिया, जो अब 13 महीने का है। पुलिस के अनुसार कुछ महीने से आरती पढ़ाई के साथ दोबारा नौकरी करना चाहती थी। मगर, बेटे के छोटा होने और परिवार की जिम्मेदारी के चलते आकाश इसके लिए तैयार नहीं था। दोनों के बीच इसे लेकर मनमुटाव चल रहा था।

स्वजन ने बताया कि दो दिन से आकाश अपने कमरे में नहीं सो रहा था। शनिवार की रात को वह अपने कमरे में सोने गया। आधी रात करीब ढाई बहू आरती ने उन्हें आवाज दी, पापा बचाओ। वह कमरे से बाहर निकले तो बहू को बाथरूम के बाहर पड़ा पाया। उसका बायां हाथ लहूलुहान था। आरती उनसे आकाश को बचाने की कहने लगी। वह कमरे में पहुंचे तो आकाश का शव बेड पर मिला। उसके गले पर रस्सी का निशान था। इसके बाद उनकी नजर बेड के नीचे फर्श पर गई तो वहां खून बिखरा हुआ था।

मनोहर सिंह ने बताया कि वह बेटे और बहू को एसएन इमरजेंसी लेकर गए। वहां डाक्टरों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। करीब डेढ घंटे बाद आरती ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डाक्टरों ने बताया कि उसके शरीर से काफी खून बह गया था। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि दंपती ने आपसी मनमुटाव के चलते खुदकुशी की है। मामले में किसी पक्ष द्वारा फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है।

आरती का बिसरा सुरक्षित, फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा

पोस्टमार्टम के बाद डाक्टरों ने आरती का बिसरा सुरक्षित रखा है। पुलिस को घटनास्थल से कुछ पाउडर जैसा पदार्थ भी मिला था। इससे आशंका है कि पति को फंदे पर लटका देख आरती ने उसे नीचे उतारा है। आकाश के शरीर में कोई हरकत होती न देख आरती ने भी विषाक्त खाने के बाद अपने हाथ की नस काट ली होगी। इसीलिए उल्टियां होने पर वह बाथरूम में गई थी। वहां से निकलते समय गिरने पर उसने ससुर मनोहर सिंह को आवाज लगाई। पापा पहले आकाश को बचा लो

आरती का अपने ससुर से कहना था कि पापा पहले आकाश को बचा लो। वह उसे बचाना चाहती थी। एक तरफ बेटा और दूसरी ओर बहू दोनों को मौत के मुंह में देख परिवार में कोहराम मच गया। वह उन्हें गाड़ी में डालकर एसएन इमरजेंसी लेकर भागे। मगर, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मां-बाप को याद कर रोते-रोते सो गया मासूम

तेरह महीने का बेटा रविवार की सुबह से माता-पिता के पास जाने की जिद कर रहा है। अपने चाचा और बाबा से काफी घुलामिला है। सोमवार को वह मां को याद करके रोते-रोते बाबा की गोद में सो गया।

बराबर के कमरों में सोते परिवार को नहीं लगी भनक

बराबर के कमरे में सोते परिवार के लोगों को दंपती के खुदकुशी करने की भनक तक नहीं लग सकी। जबकि पिता सामने वाले कमरे में सोते हैं। बराबर के कमरे में बेटे-बहू ने अपनी जान दे दी।

Edited By: Jagran