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हैंडमेड आइटम से आगरा की 'प्रगति' ने चुनी नई राह, GEN Z ने शौक से संवारा हुनर

By Aditi Bhatnagar Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 12 Oct 2026 03:09 PM (IST)

प्रगति गुप्ता ने बचपन के शौक को हुनर में बदला और हैंडमेड आइटम का सफल व्यवसाय शुरू किया। आगरा की ...और पढ़ें

रंग बिरंगे आर्टिफिशियल फ्लॉवर पाॅट्स तैयार करने वालीं प्रगति गुप्ता।

रंग बिरंगे आर्टिफिशियल फ्लॉवर पाॅट्स तैयार करने वालीं प्रगति गुप्ता।

अदिति भटनागर, आगरा। बचपन में हाथों से छोटी-छोटी क्राफ्ट की चीजें बनाने का शौक था। कभी परिवार के लोगों के लिए सजावटी सामान तैयार करती थीं, तो कभी कुछ नया बनाने में समय बिताती थीं। धीरे-धीरे यही शौक हुनर बना और हुनर कमाई का जरिया। कमला नगर निवासी बीकाॅम की छात्रा प्रगति गुप्ता ने अपनी रचनात्मकता को पहचान देते हुए हैंडमेड आइटम तैयार करने का काम शुरू किया तो प्रगति की राह खुल गई।

इंस्टाग्राम और ई-कार्ट के माध्यम से उन्हें आर्डर मिल रहे हैं। आज वह पढ़ाई के साथ अपने हुनर से हर महीने 10 से 15 हजार रुपये तक कमा रही हैं। 20 वर्ष की उम्र में प्रगति अब दूसरे जेन जी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय से बीकाॅम की पढ़ाई कर रही प्रगति ने बचपन के शौक को एक वर्ष पहले हुनर के रूप में बदला। उन्होंने सबसे पहले रक्षाबंधन पर भाइयों को देने के लिए बुके बनाया।

उनके हाथ के बने बुके को भाइयों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बहुत पसंद किया। प्रगति के हुनर को देखते हुए उनकी मां प्रीति गुप्ता ने उन्हें हैंडमेड आइटम बनाने की सलाह दी। मां की सलाह को सफलता का मंत्र बनाते हुए प्रगति आगे बढ़ीं और उन्होंने एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर पर्सनलाइज्ड गिफ्ट करके अकाउंट बनाया और उस पर अपने बनाए हुए हैंडमेड आइटम अपलोड किए।

ये यूजर्स ने पसंद किए और आर्डर आने लगे। इसके बाद ई कार्ट पर भी हैंडमेड आइटम अपलोड कर दिए। इसके बाद यहां भी आर्डर आने लगे। इससे उत्साहित होकर प्रगति ने काम और बढ़ा दिया। एक वर्ष में वे पढ़ाई के साथ वे हैंडमेड आइटम के बिजनेस से 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने लगीं। त्योहार के सीजन में आय 20 से 25 हजार रुपये तक बढ़ जाती है।

त्योहारों पर लगने वाले स्टाॅल उनके हुनर को पहचान दिलाने का एक और जरिया बन गए। प्रगति के लिए पढ़ाई और अपने काम के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी है। वह समय निकालकर उत्पाद तैयार करती हैं और आर्डर पूरे करती हैं।

उनका कहना है कि अब वह अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाकर इस काम को बड़े स्तर पर ले जाना चाहती हैं। प्रगति की कोशिश बताती है कि रचनात्मक हुनर को सही दिशा मिले तो वह आत्मनिर्भरता का रास्ता भी बन सकता है।

ग्राहक की पसंद पर तैयार होता है सामान

प्रगति के हैंडमेड आइटम की खासियत उनका कस्टमाइजेशन है। ग्राहक जिस रंग, आकार और डिजाइन में सामान चाहते हैं, वह उसी के अनुरूप उसे तैयार करती हैं। इससे हर उत्पाद में कुछ अलग करने की गुंजाइश रहती है। हाथ से तैयार किए गए सनफ्लाॅवर, लिली और गुलाब के अलावा की-रिंग, मिनी फ्लाॅवर पाॅट जैसे आइटम भी उनकी रेंज में शामिल हैं। उनकी कोशिश रहती है कि सजावटी सामान आकर्षक होने के साथ ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुरूप भी हो।

त्योहारों पर बढ़ जाती है मांग

रक्षाबंधन, नवरात्र और दीपावली जैसे त्योहारों पर प्रगति अपने उत्पादों के स्टाल लगाती हैं। इन दिनों वह नवरात्र के अवसर पर नोएडा में स्टाॅल लगा रही हैं। अब उनका ध्यान दीपावली की तैयारियों पर है। घरों को सजाने के लिए वह शुभ-लाभ बंधनवार समेत कई तरह के हैंडमेड आइटम तैयार कर रही हैं। दीपावली पर आगरा में भी स्टाॅल लगाने की तैयारी है, ताकि स्थानीय ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकें।