आगरा से धौलपुर तक ट्रेनों की सुरक्षा मजबूत, अब कवच प्रणाली देगी सुरक्षित यात्रा का भरोसा
आगरा रेल मंडल में नई दिल्ली-आगरा खंड के बाद अब आगरा-धौलपुर खंड में कवच प्रणाली का कार्य पूरा हो गया ...और पढ़ें

आगरा से धौलपुर के बीच कवच प्रणाली का परीक्षण करती रेलवे टीम।
जागरण संवाददाता, आगरा। रेल मंडल आगरा में कवच प्रणाली का दायरा बढ़ता जा रहा है। नई दिल्ली-आगरा रेल खंड के बाद अब आगरा-धौलपुर खंड में कवच प्रणाली का कार्य पूरा हो गया है। 720 रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) टैग लगाए गए हैं। इस प्रणाली में ट्रेनों के टकराने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
रेल मंत्रालय हर खंड में कवच प्रणाली लगाने पर जोर दे रहा है। इससे कोहरे या फिर अधिक गर्मी में ट्रेनों के संचालन में आने वाली परेशानी दूर हो जाएगी। कोहरे में ट्रेनों का संचालन आटोमेटिक प्रणाली के बदले सेमी आटोमेटिक प्रणाली से किया जाता है। आटोमेटिक प्रणाली में एक से दूसरे स्टेशन के मध्य दो से तीन ट्रेनों का संचालन होता है।
इसमें ट्रेनें एक दूसरे के पीछे दो से ढाई किमी के अंतराल में चलती हैं। वहीं सेमी आटोमेटिक प्रणाली में एक से दूसरे स्टेशन के मध्य एक ही ट्रेन का संचालन होता है। गुरुवार को आगरा से धौलपुर के मध्य कवच प्रणाली का प्रयोग किया गया। यह प्रयोग सफल रहा।
रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक एवं स्वदेशी सुरक्षा तकनीकों के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मानक कवच एक स्वदेशी आटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है। जिसका उद्देश्य मानवीय त्रुटियों की स्थिति में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा को बढ़ाना है।
यह प्रणाली लोको पायलट को आवश्यक सुरक्षा सहायता प्रदान करती है। विषम परिस्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में सक्षम है।
