जागरण संवाददाता, आगरा: कातिल कितना ही चालक क्यों न हो, अपनी करतूत का सुराग जरूर छोड़ देता है। सिकंदरा क्षेत्र में यमुना किनारे जंगल में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वाले तीन आरोपितों ने भी यही किया। जंगल में फेंकी लाश को देखने के लिए एक-दो बार नहीं, बल्कि 99 बार गए थे। तीन महीने के दौरान अपने सामने युवती के निर्जीव शव को कंकाल में बदलने के बाद उन्हें यकीन हो गया था कि उसे कोई नहीं पहचान सकता। लेकिन, वो मृतका के कपड़े ठिकाने लगाना भूल गए। और, इन्हीं कपड़ों से बुधवार को मृतका के कंकाल की शिनाख्त हो गई। पुलिस ने रिमांड पर लिए सोनू समेत तीनों आरोपितों को गुरुवार जेल भेज दिया।

सिकंदरा क्षेत्र से दो मार्च को होली के दिन ककरेठा निवासी सोनू 18 वर्षीय युवती को उसकी बहन के घर छोड़ने ले गया था। रास्ते में उसे दोस्त जीतेंद्र उर्फ जीतू निवासी बालूखेड़ा थाना अकराबाद, अलीगढ़ और मोहित निवासी बिरसागंज थाना बरनाहाल, मैनपुरी मिल गए। तीनों ने युवती को यमुना किनारे जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर युवती की हत्या कर दी थी। युवती के अपहरण में वांछित सोनू ने एक जून को अदालत में समर्पण कर दिया। बुधवार को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कबूल की। सोनू की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से युवती का कंकाल बरामद करने के साथ ही दुष्कर्म में शामिल मोहित और जीतू को भी गिरफ्तार कर लिया।

जीतू और मोहित ने बताया कि सोनू पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था। घटना में उन दोनों का नाम नहीं होने से वह ककरेठा रह रहे थे। हत्या करके फेंकी युवती की लाश अपनी जगह पर है या नहीं, हर तीन-चार दिन बाद देखने जाते थे। उन्हें डर था कि लाश देखकर कोई पुलिस को सूचना न कर दे। तीन महीने के दौरान युवती की लाश उनके सामने कंकाल में होती गई। इसके बाद उनको यकीन हो गया कि अब दुष्कर्म और हत्या का राज हमेशा के लिए दफन हो गया है। इसी के बाद एक जून को आरोपित सोनू ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। मोहित और जीतू इस दौरान वह मृतका के कपड़े ठिकाने लगाना भूल गए। जिनसे युवती की मां ने कंकाल की शिनाख्त की। इंस्पेक्टर अजय कौशल ने बताया कि आरोपितों को जेल भेज दिया है।

दुष्कर्म और हत्या के बाद की थी शराब पार्टी

आरोपितों ने पुलिस को बताया कि युवती से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद उन्होंने जंगल में दारू पार्टी की थी। इसके बाद लाश को यमुना के खादर में ठिकाने लगाया। उन्हें यकीन था कि शव को वहां कोई नहीं देख सकता। साहब, मुझे इंसाफ चाहिए

बेटी की हत्या का पता चलने के बाद थाने पहुंची मां का पुलिस से कहना था कि उसे इंसाफ चाहिए। बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सोनू के पूर्व परिचित होने के कारण उसके साथ भेज दिया था। परिवार का आर्थिक सहारा थी बेटी

मां का कहना था कि वह बीमार रहती है। महीने में दो सप्ताह वह काम पर जाती ह। बेटी परिवार का आर्थिक सहारा थी। अब दो बेटों को वह किस तरह से पढ़ाई कराएगी। आरोपितों के परिजन भी बनेंगे अभियुक्त

पुलिस तीनों आरोपितों के परिजनों को भी अभियुक्त बनाएगी। क्योंकि उन्हें युवती की हत्या की जानकारी थी। इसके बावजूद पुलिस को गुमराह करते रहे। टीकमगढ़ का है सोनू

मुख्य आरोपित सोनू मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के थाना बानियानी का रहने वाला है। ककरेठा में सालों से रहने के कारण अपना आधार कार्ड यहीं का बनवा लिया है। जीतू और मोहित भी यहां किराए पर रहते हैं। तीनों चालक हैं।

Posted By: Jagran