आगरा (जेएनएन) : लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय में रविवार को पानी की टंकी के नीचे क्लोरीन सिलिंडर में लीकेज से अफरा-तफरी मच गई। पास के वार्ड से प्रसूता और नवजात को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। सिलिंडर को गड्ढे में फेंक पानी भर दिया। इसके बाद कर्मचारियों को सांस लेने में तकलीफ पर भर्ती किया। तीन घंटे सबकी सांसें अटकी रहीं।

लेडी लॉयल में आशा ज्योति केंद्र के पास पानी की टंकी है। यह टंकी 1975 में बनी थी। तब टंकी की सफाई के लिए 30 किलो का क्लोरीन सिलिंडर दिया था। यह टंकी के नीचे कमरे में रखा था, निचला हिस्सा गल गया था। कर्मचारी दोपहर 1:30 बजे प्लांट देखने गए। यहां क्लोरीन लीकेज की दुर्गध आने पर हॉस्पिटल प्रशासन ने फायर बिग्रेड को सूचना दी।

दोपहर 2:30 बजे फायर बिग्रेड पहुंची। लीकेज बंद न होने पर हॉस्पिटल कर्मी बन्ने खां और फायर बिग्रेड कर्मी ने सिलिंडर को पास के गड्ढे में फेंक उसमें पानी भर दिया। इधर, तबियत बिगड़ने पर बन्ने खां व दमकलकर्मी को एडमिट किया गया। दो घंटे बाद हालात सुधरे। प्रमुख अधीक्षक डॉ. आशा शर्मा ने बताया कि लीकेज को समय रहते कंट्रोल कर लिया गया। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स, अधीक्षक डॉ. कल्याणी सहित हॉस्पिटल के डॉक्टर भी पहुंच गए। एनडीआरएम से मांगी सलाह:

क्लोरीन सिलिंडर को पानी में डालने से दुर्गध आना तो बंद हो गई लेकिन इसे कैसे रोका जाए। इसके लिए नेचुरल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट, गाजियाबाद से संपर्क किया गया। उन्होंने सिलिंडर को पानी में ही डले रहने को कहा है। 100 से अधिक महिलाएं थीं भर्ती:

लेडी लॉयल में 100 से अधिक प्रसूता और गर्भवती महिलाएं भर्ती थी, लीकेज बढ़ने पर इन्हें खतरा हो सकता था। इसे लेकर हॉस्पिटल प्रशासन परेशान रहा।

Posted By: Jagran

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