आगरा: चिकित्सकों की शह से झोलाछाप हॉस्पिटल और क्लीनिक चल रहे हैं। इन हॉस्पिटल में क्वालीफाइड डॉक्टर ऑपरेशन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम के छापे में भी डॉक्टरों के नाम सामने आ चुके हैं। मगर, इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दो महीने में 20 अवैध हॉस्पिटल और झोलाछाप क्लीनिक सील किए गए। इनमें से सहारा मेडिसिटी, प्रोफेसर कॉलोनी कमला नगर और न्यू मां भगवती हॉस्पिटल भगवान टॉकीज में ऑपरेशन के बाद मरीजों की मौत हो चुकी है। ये ऑपरेशन क्वालीफाइड डॉक्टरों द्वारा किए गए थे, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध हॉस्पिटल और क्लीनिक संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मगर, इनमें इलाज करने वाले डॉक्टरों को बचा दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में भी डॉक्टरों का नाम दर्ज नहीं किया है। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि अवैध हॉस्पिटल के बोर्ड और बीएचटी में जिन डॉक्टरों के नाम मिले हैं, उन्हें नोटिस जारी किया है। उनका पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

ठंडा पड़ा अभियान, मरीजों का हो रहा जानलेवा इलाज :

डीएम एनजी रवि कुमार ने अवैध हॉस्पिटल, झोलाछाप, एंबुलेंस और कॉमर्शियल ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो दिन छापामार कार्रवाई की, इसके बाद अभियान ठंडा पड़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे अवैध हॉस्पिटल और झोलाछाप क्लीनिक में बेखौफ होकर मरीजों का जानलेवा इलाज किया जा रहा है। प्रशासन की पछपातपूर्ण कार्रवाई पर सवालिया निशान लग गया है।

Posted By: Jagran