मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

आगरा, जेएनएन। प्रदूषण की रोकथाम के प्रयास के साथ ही सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते बाजार को भुनाना चाहती है। इसके लिए बनाई गई उप्र इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चि‍रिंग नीति-2019 की अधिसूचना शासन ने मंगलवार को जारी कर दी। सरकार ने आगरा समेत प्रदेश के 10 शहरों को आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नगर घोषित करने का निर्णय लिया है।

होगा 40 हजार करोड़ का निवेश

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तंत्र से सरकार अगले पांच वर्ष में 40 हजार करोड़ का निवेश और 50 हजार रोजगार के अवसर विकसित करना चाहती है। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 2024 तक पारंपरिक वाणिज्यिक बेड़े और रसद वाहनों को उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन में 2030 तक एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। दस शहरों के निजी परिवहन में 2024 तक पचास फीसद इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन शुरू किया जाना है।

यह शहर बनेंगे आदर्श

- आगरा, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी।

ऐसे दिया जाएगा प्रोत्साहन

- नीति की अवधि में पहले एक लाख वाहनों के क्रेताओं को वाहन पंजीकरण शुल्क में सौ फीसद की छूट।

- दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में सौ फीसद और अन्य वाहनों को 75 फीसद की छूट दी जाएगी।

- सभी अवस्थापना सुविधाएं भी निवेशकों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी। 

Posted By: Tanu Gupta

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप