आगरा, जागरण संवाददाता। पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार देर रात आगरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज वर्षा हुई। कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। 10 से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। दिनभर बादल छाए रहे। गलन और ठिठुरन से लोगों को राहत मिली। 24 घंटे में 11 मिलीमीटर (एमएम) वर्षा हुई। बुधवार को भी वर्षा के आसार हैं। अफगानिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ बनने के चलते वर्षा हो रही है। सोमवार रात 8:30 बजे से वर्षा शुरू हुई। रात 1:30 बजे से तेज वर्षा हुई। ओले भी गिरे। मंगलवार सुबह से ही बादलों ने डेरा जमा लिया। दोपहर में ईदगाह, शाहगंज सहित कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। शाम को तेज वर्षा हुई।

आज भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के निदेशक डा. दानिश ने बताया कि सोमवार रात 8:30 बजे से मंगलवार रात 8:30 बजे तक 24 घंटे में 11 एमएम वर्षा हुई है। बुधवार को भी वर्षा के आसार हैं।

सरसों का झड़ा फूल, अधिक वर्षा हुई तो आलू में होगी सड़न

मौसम की मार से आलू की फसल पहले से ही झुलसा रोग से जूझ रही थी, अब वर्षा ने सरसों की फसल के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। फसल से फूल झड़ गया है। यदि अगर अधिक वर्षा होती है तो आलू में सड़न पैदा होगी और सरसों की फलियों को नुकसान पहुंचेगा। गेंहू के लिए वर्षा उपयोगी है, ओलावृष्टि होने पर सभी फसलों को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।

ये भी पढ़ें...

Lucknow Building Collapse: एक महीने पहले शाहिद मंजूर की बेटी ने खाली किया था फ्लैट, 2005 में बेचे थे 10 फ्लैट

बिचपुरी के किसान राजेंद्र ने बताया कि वर्षा के कारण तीन बीघा सरसों का फूल प्रभावित हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष आरएस चौहान ने बताया कि आलू के लिए हल्की वर्षा नुकसान का कारण नहीं है, लेकिन अधिक हुई तो ग्रोथ रुकने की आशंका है। अगर ओलावृष्टि हुई तो आलू के कंद से मिट्टी हट जाएगी और आलू हरा हो जाएगा। किसानों को सतर्क रहना चाहिए। 

Edited By: Abhishek Saxena

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट