Agra Weather Update: 10 डिग्री से ज्यादा लुढ़का पारा; IMD ने जारी किया यलो अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के प्रभाव से आगरा में मौसम बदला, तापमान में 10 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज ...और पढ़ें

आगरा में शुक्रवार सुबह बारिश में भीगते हुए कॉलेज जाती छात्रा।
जागरण संवाददाता, आगरा। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात की प्रतिक्रिया के प्रभाव से गुरुवार दोपहर बाद से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार सुबह सात बजे से ही रिमझिम शुरू हो गई, जो 10 बजे तक जारी रही। अधिकतम तापमान में एकदम से 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की गिरावट है। वहीं न्यूनतम तापमान भी लुढ़ककर 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते आगरा में शुक्रवार को मौसम विज्ञान विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। हल्की बारिश और बिजली चमकने के अलावा 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। सुबह न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो एक दिन पहले तक 26 डिग्री सेल्सियस पर चल रहा था।
इससे पहले गुरुवार को सुबह से दोपहर तक धूप निकली, लेकिन ढाई बजे के बाद मौसम बदल गया। पहले बादल छाए और उसके बाद तेज रफ्तार से आई आंधी से हर तरफ धूल के गुबार छा गए। इसके बाद वर्षा शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंंटे तक शहर में वर्षा हुई। इसके बाद भी बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
शहर में गुरुवार को सुबह से धूप निकली। बुधवार की अपेक्षा न्यूनतम तापमान मामूली रूप से अधिक रहा, जबकि अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। दोपहर ढाई बजे से मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बादल घिर आए। 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई, जिससे शहर में धूल के गुबार छा गए। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीन बजे के करीब वर्षा शुरू हो गई।
गरज के साथ डेढ़ घंटे तक कभी तेज और कभी हल्की वर्षा होती रही। अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सामान्य से अधिकतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस कम और अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। शहर में 6.8 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पंजाब में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा में सक्रिय चक्रवात की प्रतिक्रिया की वजह से मौसम में बदलाव आया है। अगले 24 घंटों तक इसका प्रभाव रहेगा। इसके बाद मौसम शुष्क हो जाएगा।
