आगरा: शिक्षा मंत्री की टिप्पणी से वैश्य समाज में उबाल, सम्मान से खिलवाड़ नहीं करेंगे सहन
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की टिप्पणी पर वैश्य समाज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की ...और पढ़ें

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल।
जागरण संवाददाता, आगरा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की टिप्पणी पर वैश्य समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के विपरीत बताते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की। उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी कि समाज के सम्मान और स्वाभिमान की अनदेखी का जवाब आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संयमित और सम्मानजनक भाषा की अपेक्षा होती है। राजनीतिक विरोध के बावजूद ऐसी उपमा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं, जिससे किसी समाज की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि सम्मान और अस्मिता के प्रश्न पर समाज एकजुट है और उसकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वैश्य समाज किसी राजनीतिक दल का बंधुआ नहीं है। व्यापार, उद्योग, रोजगार, कर योगदान और सामाजिक सेवा में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उसके सम्मान की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने भाजपा से नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर अंकुश लगाने की अपेक्षा की।
प्रतिनिधियों ने कहा कि राजनीतिक समर्थन स्थायी नहीं होता और समाज अपने विवेक से चुनाव में राय व्यक्त करेगा। इस दौरान मदन गर्ग, रमन लाल गोयल, राकेश अग्रवाल, विनय अग्रवाल, विनय मित्तल, गिरीश चंद गोयल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, रवि अग्रवाल, हरिओम अग्रवाल, महावीर अग्रवाल, दिलीप मित्तल और अजय कुमार जैन मौजूद रहे
उच्च शिक्षा मंत्री की सफाई
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सफाई दी कि एक पत्रकार ने उनसे सपा नेताओं के भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग के आरोपों को लेकर सवाल किया था। जवाब में उन्होंने उस उपमा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि टिप्पणी किसी व्यक्ति या समाज विशेष के लिए नहीं, बल्कि सपा की संस्कृति पर चोट करने के संदर्भ में थी। मंत्री ने आलोचना को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया।
