आगरा, जागरण संवाददाता। आंबेडकर विवि आगरा की मुृख्य परीक्षाओं में पेपर लीक मामले में पुलिस जिस कोचिंग संचालक ब्रह्मजीत को तलाश रही है, वो आगरा कालेज के रिसर्च स्कालर वाट्सएप ग्रुप का अभी भी एडमिन है। उसे न तो ग्रुप से हटाया गया है और न ही एडमिन से ही हटाया गया है। उसे कालेज की हर गतिविधि की जानकारी इस ग्रुप से मिल सकती है।

आगरा कालेज के रिसर्च स्कालरों का एक ग्रुप बना हुआ है, जिसमें कालेज में रिसर्च स्कालरों द्वारा दी जाने वाले ड्यूटी संबंधित सभी निर्देश दिए जाते थे। किसकी ड्यूटी कहां लगेगी, किस पाली में लगेगी आदि निर्देश इसी ग्रुप पर दिए जाते थे। इस ग्रुप में 53 सदस्य हैं, जिसमें से छह से सात सदस्य एडमिन हैं। इनमें से एक ब्रह्मजीत यादव भी है। बता दें कि ब्रह्मजीत आगरा कालेज से ही रसायन विज्ञान में पीएचडी कर रहा है।

यह है मामला

इसी महीने की 11 और 14 मई को आगरा कालेज से जंतु विज्ञान, गणित और रसायन विज्ञान के पेपर लीक हुए। पुलिस ने इस मामले में कुछ छात्रों को पकड़ा, मोबाइल जब्त किए। विश्वविद्यालय ने अछनेरा के श्री हरचरण लाल वर्मा महाविद्यालय से पेपर लीक होने पर संबद्धता खत्म कर दी। कालेज के तथाकथित प्राचार्य अनेक सिंह ने प्रबंधक और एक कोचिंग संचालक का नाम लिया। कालेज का प्रबंधक अशोक और कोचिंग संचालक दोनों फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।

ब्रह्मजीत के पास रहती थी पूरी जानकारी

इस ग्रुप से जुड़े रहने पर ही ब्रह्मजीत को हर शिक्षक की ड्यूटी की जानकारी रहती थी। कौन सा शिक्षक किस पाली में ड्यूटी देगा, उसे पता होता था। पुलिस के सामने अनेक सिंह ने स्वीकार भी किया था कि ब्रह्मजीत के कालेज के शिक्षकों से काफी अच्छे संबंध हैं।

कालेज ने बनाई है समिति

पेपर लीक मामले में ब्रह्मजीत के कनेक्शन और शिक्षकों से उसके संबंधों की जांच के लिए कालेज ने जांच समिति का गठन किया है। अगर कालेज इस ग्रुप से ब्रह्मजीत को अलग नहीं कर पा रहा है तो शिक्षकों से उसके संबंधों की गहराई कैसे ढूंढेगा। 

Edited By: Prateek Gupta