आगरा: आंबेडकर विवि से संबद्ध कॉलेज छात्रों को बिना पढ़ाई के लिए डिग्री दे रहे हैं। सैकड़ों कॉलेजों में मानक अनुसार शिक्षक ही नहीं है। एक-दो शिक्षक ही कॉलेज चला रहे हैं। विवि के आंकड़ें इसकी गवाही दे रहे हैं।

विवि द्वारा पिछले साल कॉलेजों के शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था शुरू की थी। इसमें शिक्षकों को यूनिक आइडी जारी की जानी थी। कॉलेजों को शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन अपलोड करना था। पिछले महीने तक विवि के पास छह हजार शिक्षकों का डाटा ही आया था। इसमें से 1500 शिक्षक तो एडेड कालेज के हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के शिक्षकों की संख्या मात्र दो हजार ही है। इन कॉलेजों में यूजीसी की गाइडलाइन अनुसार शिक्षक है ही नहीं। आठ हजार शिक्षकों का अनुमोदन किया था निरस्त

विवि ने पिछले साल आठ हजार शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त किया था। इनका नाम एक से अधिक कॉलेजों में था। विवि ने 31 मार्च 2018 तक नए शिक्षकों का अनुमोदन कराने के निर्देश दिए थे। जांच हो तो स्थिति और भी खराब

जिन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने अपने शिक्षकों का अनुमोदन कराया है। उनकी जांच हो जाए तो स्थिति और भी खराब निकलेगी। सूत्रों की मानें तो विवि स्तर से भी अनुमोदन में ढिलाई दे दी गई है। यह है स्थिति

1050 से कॉलेज विवि से संबद्ध

900 से अधिक कॉलेज में बीए, बीएससी

200 से ज्यादा कॉलेज में परास्नातक कोर्स

30 से अधिक कोर्स संचालित

20 हजार शिक्षक होने चाहिए कॉलेजों में शिक्षकों के अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। जिनका अनुमोदन हो चुका है उनका डाटा अपलोड किया गया है।

गिरिजाशंकर शर्मा, पीआरओ विवि

Posted By: Jagran