आगरा में पुलिस अधिकारी बन दिखाया एनकाउंटर का डर, व्यापारी से 71 लाख वसूले; एक गिरफ्तार
आगरा में एक व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट कर पुलिस अधिकारी बनकर एनकाउंटर की धमकी देकर 71 लाख रुपये से अधिक ...और पढ़ें
संवाद सूत्र, बाह (आगरा)। व्यापारी से 15 लाख रुपये उधार लेने के बाद आरोपितों रकम नहीं लौटाने के लिए साजिश रची। व्यापारी को एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पुलिस अधिकारी बन व्यापारी को एनकाउंटर का डर दिखा उससे किस्तों में 71 लाख रुपये से अधिक वसूल लिए। एक बार फिर 20 लाख रुपये की मांग करने पर पीड़ित व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की।
जांच करने पर मामले का पर्दाफाश करके पुलिस ने एक आरोपित काे गिरफ्तार कर लिया। उससे 14.71 लाख रुपये बरामद किए। बाह कस्बे की गोपालजी गली निवासी उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि वह शिक्षा विभाग से सेवानिव़ृत्त हैं। कस्बे में परचूनी की दुकान चलाते हैं। वर्ष 2024 में रमेश बरुआ और उसके बेटे अनंत बरुआ उर्फ रिशु बरुआ निवासी मोहल्ला सराय ने उनसे 15 लाख रुपये उधार लिए थे।
कुछ समय बाद रकम लौटाने का वादा किया गया था। उन्होंने अनंत बरुआ से रकम वापस मांगी। एक महीने पहले अनंत बरुआ ने उमाशंकर गुप्ता को काॅल किया। कहा कि वह उनकी रकम लेकर आ रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है, वह इतनी बडी रकम का स्रोत पूछ रही है। पुलिस अधिकारी उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद उनके मोबाइल पर अपरिचित नंबर से वाट्सएप काल आया।
जिसकी डीपी पर पुलिस अधिकारी का फोटो लगा हुआ था। काॅल करने वाला धमकी भरे अंदाज में रकम के बारे में पूछने लगा। कहा कि वह अनंत को जेल भेज रहा है, उनसे भी पूछताछ होगी। उन्हें रकम कहां से आयी यह बताना होगा। अनंत के बयान के आधार पर उन्हें भी जेल जाना पड़ सकता है। जिससे वह दहशत में आ गए।
आरोपितों ने एक महीने तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट करके 15 लाख उधार दी रकम के अलावा 56 लाख से अधिक रकम वसूल ली। पहले उन्होंने अपनी जमा पूंजी दी, इसके बाद लोगों से उधार लेकर रकम दी। आरेपित अनंत बरुआ उनकी दुकान पर आकर करीब एक महीने से रकम ले जा रहा था। पांच दिन पहले 20 लाख रुपये और मांगे, वह अधिकांश परिचितों से रकम उधार ले चुके थे।
रकम नहीं मिलने पर उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी गई। बेटे को बताया तो उसने पुलिस से शिकायत कर दी। मामले में अनंत बरुआ उसके पिता व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि आरोपित अनंत बरूआ को गिरफ्तार करके उससे 14.71 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपित के पिता की तलाश की जा रही है।
साक्ष्य मिटाने को डिलीट की वाट्सएप काॅल
पीड़ित उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि आरोपित पुलिस अधिकारी बनकर वाट्सएप करके रकम मांगते थे। आरोपित ने साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल से वाट्सएप काॅल डिलीट कर दीं। पीड़ित ने बताया कि डर के चलते वह लगातार रुपये देते रहे। जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तो सोना गिरवी रख दिया। इसके बाद बाजार से भी उधार लेकर रुपये दिए।
