विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राज चौहान हत्याकांड, अब एसआइटी खोलेगी परतें, आगरा में मां को दी गई सुरक्षा; हिस्ट्रीशीटर पर इनाम

By Yashpal Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 02 May 2026 10:40 PM (IST)

आगरा में राज चौहान हत्याकांड के तीन माह बाद भी पुलिस पर सवाल उठने के बाद पुलिस आयुक्त ने एसआईटी ...और पढ़ें

आगरा में रंगबाजी के चलते राज चौहान की हत्या कर दी गई थी।

आगरा में रंगबाजी के चलते राज चौहान की हत्या कर दी गई थी।

जागरण संवाददाता, आगरा। गेस्ट हाउस में राज चौहान की सनसनीखेज हत्या तीन माह बाद भी अभी पुलिस कठघरे में है। हत्याकांड में एक आरोपित मुठभेड़ में ढेर हो चुका है, वहीं आठ अभी तक जेल में बंद हैं। इसके बाद भी पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है।

वे पुलिस पर हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को बचाने के लगातार आरोप लगा रहे हैं। लखनऊ तक शिकायत पहुंचने के बाद शनिवार को पुलिस आयुक्त ने मामले में एसआइटी गठित कर दी।एसआइटी अब तक की विवेचना की समीक्षा कर हत्याकांड की परतें खोलेगी।

जान को खतरा जताने पर राज चौहान की मां को भी पुलिस सुरक्षा दे दी गई है। उधर, आराेपों में घिरे हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है।

मूल रूप से सादाबाद के बेदई गांव निवासी राज चौहान की 23 जनवरी की रात में टेढ़ी बगिया स्थित गेस्ट हाउस में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गेस्ट हाउस में पांच आरोपितों ने 18 गोलियां चलाई थीं। इनमें से सात गोली राज चौहान के लगी थीं।

सनसनीखेज हत्याकांड के शामिल शाह नगर बंबा के रहने वाले अरबाज उर्फ मंसूरी मुठभेड़ में ढेर हो गया था।हत्याकांड में राज चौहान के गुट के कुछ युवक भी शामिल थे। इसमें शामिल आठ लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया

।राज का परिवार कालिंदी विहार में रहता है। उसकी मां नीरज कुमारी ने घटना के दिन से ही ट्रांस यमुना थाने के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि मोनू यादव ने उनके बेटे की हत्या की धमकी दी थी। वह उससे मिलने गई थी।

तब उन्होंने मोनू यादव से कहा था कि वे शहर छोड़ देंगी। उसने कहा था कि कहीं भी चले जाओ राज तो नहीं बचेगा। हिस्ट्रीशीटर द्वारा कही गई ये बातें नीरज कई अधिकारियों को बता चुकी हैं।

उनका यह भी आरोप है कि पूर्व में ट्रांस यमुना थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर से मोनू के करीबी संबंध थे। पुलिस मोनू यादव को बचा रही है। पुलिस की विवेचना में हत्याकांड के पीछे जेल में बंद गैंग्स्टर आलोक यादव का नाम भी प्रकाश में आ चुका है।

राज चौहान की मां ने दो दिन पहले इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। इसके बाद शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने राज चौहान की मां को सुरक्षा दे दी।साथ ही आरोपों की जांच को एसआइटी गठित कर दी है।

एसआइटी अध्यक्ष डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार को बनाया है। डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा, एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव, एसीपी एत्मादपुर देवेश सिंह, इंस्पेक्टर एत्मादपुर आलोक सिंह, एसएसआई एत्मादपुर शिवाजीत सिंह व एसएसआई बरहन गुडवीर सिंह को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है।

एसआइटी अब तक की विवेचना और पीड़ित परिवार के आरोपों की जांच करेगी। पुलिस आयुक्त खुद प्रगति रिपोर्ट लेंगे। हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है।