कड़ाही के दूध का स्वाद बढ़ाने को कैमिकल का इस्तेमाल, बोरेक्स मिलाकर आगरा में सेहत से खिलवाड़
आगरा में दूध और मिठाइयों में बोरेक्स पाउडर के इस्तेमाल से सेहत को खतरा बढ़ गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ...और पढ़ें

आगरा में पुष्पक मिष्ठान भंडार पर कड़ाही का दूध पीने को जुटे लोग।
जागरण संवाददाता, आगरा। दूध को जल्द खराब होने से बचाना हो या फिर उसमें गाढ़ापन लाना हो। दूधिए से लेकर मिठाई विक्रेता बोरेक्स पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा दूध सेहत के लिए सबसे अधिक खतरनाक है। शहर में 350 मिठाई विक्रेता हैं जिसमें 200 विक्रेताओं द्वारा कड़ाही वाला दूध बेचा जाता है।
छीपीटोला स्थित पुष्पक मिष्ठान भंडार में हर दिन 200 लीटर दूध की बिक्री होती है। इस भंडार से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम को जांच में साढ़े 16 किग्रा बोरेक्स पाउडर मिला था। दूध के नमूने की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है।
एफएसडीए आंकड़ों के अनुसार शहर को हर दिन 25 लाख लीटर दूध की जरूरत है। इसकी आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से होती है। ऐसे में दूध जल्द खराब न हो और उसमें गाढ़ापन बना रहे, इसके लिए दूधिए बोरेक्स पाउडर का प्रयोग करते हैं। पुष्पक मिष्ठान भंडार छीपीटोला सहित बड़ी संख्या में ऐसे विक्रेता हैं, जिनके द्वारा बोरेक्स का प्रयोग किया जाता है।
सेवानिवृत्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर दूध में बोरेक्स मिला है या नहीं, इसकी पहचान आसानी से नहीं हो सकती है। सिर्फ रसायनिक टेस्ट किए जा सकते हैं। कढ़ाई वाले दूध में इसका और अधिक प्रयोग होता है। आगरा मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य एसएस हैदर आबिदी ने बताया कि बोरेक्स पाउडर के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए विशेष जांच अभियान चल रहे हैं।
बोरेक्स के साथ मिली गंदगी
एफएसडीए टीम को पुष्पक मिष्ठान भंडार में साढ़े 16 किग्रा बोरेक्स पाउडर के साथ ही सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली है। दो मीटर तक टाइल्स नहीं लगी थीं और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। पैकिंग सामग्री भी खाद्य-ग्रेड मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसी के चलते मिष्ठान भंडार का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
