पिटारे की सबसे खूबसूरत साड़ी पहनकर पहुंचीं रसोइया, बोलीं- हमें उम्मीद न थी… अब सच हो गया सपना!
पीएम पोषण योजना के तहत आगरा में रसोइयों को कैशलेस इलाज और मानदेय वृद्धि की घोषणा से खुशी का माहौल है।

HighLights
रसोइयों का मानदेय 2000 से 3000 रुपये प्रति माह बढ़ा।
सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
जिले की 5600 रसोइयों को दुर्घटना बीमा, यूनिफॉर्म भत्ता भी।
जागरण संवाददाता, आगरा। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत स्कूलों में बच्चों का भोजन बनाने वाली रसोइयों को कैशलेस इलाज की सुविधा और मानदेय में वृद्धि की घोषणा से सभी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। रसोइयों ने बताया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि ऐसी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन विभाग ने रविवार को इस सपने को पूरा कर दिया।
कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए रसोइयों में एक सवाल था कि वे क्या पहनकर जाएं? कुछ ने पुरानी साड़ी निकाली, तो कुछ ने अपने कपड़ों की पिटारे से सबसे खूबसूरत साड़ी पहन ली। कुछ रसोइयों ने तो ड्रेस कोड तक बना लिया। सिकंदरा स्थित होली पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सभी रसोइयों का उत्साह देखने लायक था।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष डा. मंजू भदौरिया ने किया। कैशलेस समेत अन्य लाभ प्राप्त करने वालीं मलपुरा स्थित गमरी उच्च प्राथमिक विद्यालय की रसोइया रामबेटी, शीला और ओमवती ड्रेस कोड में एक जैसी साड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुंचीं।
रामबेटी ने बताया कि इस खास अवसर के लिए उन्होंने अपने साथियों संग मिलकर एक ही तरह की नई साड़ियां खरीदीं। उनके स्कूल में करीब पांच सौ बच्चे हैं, जिनमें से तीन सौ बच्चों का रोज खाना बनता है। रविवार को पहली बार स्वास्थ्य चिकित्सा लाभ मिलने से सभी में उत्साह है।
शमसाबाद ब्लाक के लखनपुरा परिषदीय विद्यालय की रसोइया आशादीन ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले शादी में मिली साड़ी को खास मौके के लिए रखा था।
फतेहाबाद ब्लाक के बड़ा नगरा परिषदीय विद्यालय की शिव कुमारी ने कहा कि परिवार के बच्चों ने कहा कि विभाग का बड़ा कार्यक्रम है, इसलिए नई साड़ी पहनकर जाना चाहिए। ये बातें रसोइयों के सम्मान और नई सुविधाओं के प्रति उत्साह को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में शामिल रसोइयों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत पौनिया, नगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, जिलाधिकारी मनीष बंसल, सीडीओ प्रतिभा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राकेश कुमार सिंह, नगर शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मिलीं ये सुविधाएं
कार्यक्रम में रसोइयों को कई महत्वपूर्ण राहत दी गईं। उनका मानदेय दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की तत्काल सहायता मिलेगी।
रसोइयों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा। साड़ी और यूनिफार्म के लिए सालाना मिलने वाला भत्ता भी पांच सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। जिले की करीब 5600 रसोइयों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
विभाग ने पहचानी मेहनत
अधिकतर रसोइया 20 से अधिक वर्षों से स्कूलों में बच्चों का पौष्टिक भोजन तैयार कर रही हैं। पहली बार इतने बड़े स्तर पर उनका सम्मान हुआ और स्वास्थ्य व आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था की गई।
रसोइयों ने बताया कि कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कई ने कहा कि विभाग ने उनकी मेहनत को पहचाना है। उत्साह इतना था कि कई रसोइयों ने कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए खास तैयारी की।
