आगरा: पैंटून पुल चालू नहीं होने के विरोध में व्यापारियों ने बंद किया बाजार, धरना प्रदर्शन
पिनाहट में चंबल नदी पर पैंटून पुल 15 अक्टूबर तक चालू न होने से नाराज व्यापारियों ने बाजार बंद कर ...और पढ़ें

पुल शुरू न होने के विरोध में शुक्रवार को पिनाहट में बंद दुकानें।
HighLights
व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
पुल न खुलने से आवागमन, व्यापार दो माह से प्रभावित।
जागरण संवाददाता, आगरा। पिनाहट में चंबल नदी पर पैंटून पुल 15 अक्टूबर तक बनकर तैयार होना था। निर्धारित तारीख बीतने के बाद भी पैंटून पुल बनाकर चालू नहीं करने से आक्रोशित व्यापारियों ने शुक्रवार सुबह बाजार बंद कर धरना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पैंटून पुल समय पर शुरू नहीं करने से व्यापार के साथ ही लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
वर्षा के दौरान 15 जून से 14 अक्टूबर तक के लिए पैंटून पुल प्रति वर्ष बंद कर दिया जाता है। इस वर्ष 15 अक्टूबर से पैंटून पुल काे चालू होना था। वर्षा के चार महीने चंबल नदी पिनाहट घाट पर पैंटून पुल हटाकर स्टीमर से लोगों को आवागमन कराया जाता है किन्तु इस बार कैंजरा घाट पर स्टीमर बहने के बाद मुरैना जिला प्रशासन ने चंबल पर चलने वाले दोनों स्टीमरों को नहीं चलने दिया है।
जिससे दो महीने से पिनाहट और कैंजरा घाट का आवागमन पूर्ण रूप से बंद है। जिससे दोनों ओर के लाखों लोग परेशान हैं। जिनको समय से पैंटून पुल संचालन की उम्मीद थी। चंबल नदी पिनाहट घाट पर लोक निर्माण विभाग द्वारा 15 अक्टूबर से 14 जून तक आठ माह के लिए स्टीमर संचालन कराया जाता है।
बरसात के दिनों में नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए चार महीने 15 जून से 15 अक्टूबर तक स्टीमर से लोगों को पार कराया जाता है। किन्तु इस बार सावन के महीने में कैजरा घाट पर मध्यप्रदेश की ओर से सवारियां लेकर आ रहे स्टीमर में नदी के बीचोंबीच डीजल खत्म हो जाने से बह गया था। जिसे बमुश्किल बचाया जा सका था। जिसके बाद मुरैना जिला प्रशासन ने स्टीमर चलाने पर रोक लगा दी।
लोगों को पार उतारने के लिए निर्माणाधीन पक्के पुल पर सीढ़ियां स्मूथ अन्य वैकल्पिक उपायों पर विचार किया गया । किन्तु कोई उपाय सही नहीं होने के कारण विगत दो महीने से यहां आवागमन बंद है। जिससे दोनों ओर के लाखों लोग परेशान हैं। इन परेशान लोगों पैटून पुल की आस लगाएं बैठे हैं। जो नियमानुसार 15 अक्टूबर से चालू हो जाना चाहिए।
