आगरा के नामी पैथोलाजी सेंटर पर साइबर हमला, 14 लाख मरीजों का संवेदनशील डाटा हैक
आगरा के पंकज स्कैनिंग एवं पैथोलाजी रिसर्च सेंटर पर साइबर हमला हुआ, जिसमें लगभग 14 लाख मरीजों का डाटा डिलीट ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। साइबर अपराधियों ने पंकज स्कैनिंग एवं पैथोलाजी रिसर्च सेंटर पर हमला करके लगभग 14 लाख मरीजों का डाटा डिलीट कर दिया। रिसर्च सेंटर के चार वर्ष का डाटा हैक करने के साथ ही मुख्य सर्वर को एन्क्रिप्ट कर दिया। जानकारी होने पर सेंटर संचालक के होश उड़ गए। हैकर्स ने संदेश छोड़ने के साथ ही मेल आईडी छोड़ी है।
रेन्समवेयर हमले में हैकर्स ऐसा करते हैं, डाटा वापस लौटाने के लिए रकम मांगते हैं। डाटा चाेरी होने से मरीजों के साथ भी साइबर अपराध होने की आशंका होती है। हैकर्स इस डाटा को डार्क वेब पर बेच सकते हैं।
पंकज स्कैनिंग एवं रिसर्च सेंटर के आईटी मैनेजर भरत लाल ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 अक्टूबर की रात साढ़े नौ बजे हैकर्स ने सर्वर में सेंध लगाई। उन्होंने सर्वर के मुख्य डाटा को डिलीट करके एन्क्रिप्ट कर दिया। सर्वर का बैकअप सुरक्षित रखने का लगाई हार्ड डिस्क का पूरा डाटा भी डिलीट कर दिया। हैकर्स ने संदेश छोड़ा है कि अपनी फाइल वापस चाहिए तो संपर्क करें।
जिसके लिए उन्होंने एक ईमेल आईडी दी है। जिससे माना जा रहा है कि डाटा वापसी के बदले में हैकर्स द्वारा बड़ी रकम मांगी जा सकती है। एक आशंका यह भी है कि जिन मरीजों का डाटा हैक किया गया है, उन्हें साइबर अपराधी अपना निशाना बना सकते हैं। मरीजों का नाम-पता,मोबाइल नंबर और उनकी बीमारी आदि की जानकारी के आधार पर साइबर ठगी का शिकार बना सकते हैं।
आईटी मैनेजर ने पुलिस को बताया कि मरीजों के व्यक्तिगत, पैथोलाजी एवं रेडियोलाजी जांच रिपोर्ट समेत अन्य संवेदनशील रिकार्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखते हैं। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि हैकर्स के बारे में पता किया जा रहा है।
एक साथ 56 शहरों में हैकर्स ने बोला हमला
साइबर क्राइम थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिसर्च सेंटर को ईमेल टर्की से भेजा गया है। हैकर्स ने 22 अक्टूबर की रात देश भर में 56 शहरों में डायाग्नोस्टिक सेंटर पर इसी तरह का साइबर हमला बोला है। कई जगह का डाटा रिकवर हो गया है। ज
बकि कई जगह इसे रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। रिसर्च सेंटर के मालिक डाॅ. पंकज महेंदू ने पुलिस को बताया कि हाल का डाटा रिकवर हो गया है। पुराना डाटा अभी रिकवर नहीं हुआ है। उनकी साइबर टीम डाटा रिकवरी के प्रयास में जुटी है।
