आगरा [निर्लोष कुमार]। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो रविवार दोपहर ताज में पहुंचे। गुनगुनी धूप और ताज का आंगन, ट्रूडो को 35 बरस पुराने वो पल याद दिला गया, जब वे महज 11 साल की उम्र में अपने पिता के साथ ताज के दीदार को आए थे। ताज के सामने पहुंचते ही वे अपने परिवार के साथ मस्ती में डूब गए। वे कभी अपने प्यारे बेटे हाड्रिन को गोद में उठाते तो कभी उसे हवा में उछालते। कभी अपने परिवार को समेट मुस्कराते हुए फोटो खिंचवाते। उनकी बिंदास मस्ती देख अहसास ही नहीं हो रहा था कि एक राष्ट्राध्यक्ष ताज से नुमाया है।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो रविवार सुबह करीब 10:45 बजे ताज पहुंच गए। ताज में विजिट के दौरान उनका बिंदास अंदाज काबिले-गौर रहा। एक राष्ट्राध्यक्ष की जगह वह एक ऐसे पिता के रूप में नजर आए जो अपने बच्चों को दुनिया की सैर पर निकला हो। ताज की बेमिसाल खूबसूरती पर मुग्ध उनका परिवार पूरे समय मस्ती के मूड में दिखा। वीडियो प्लेटफार्म से नीचे उतरते ही ट्रूडो ने अपने छोटे बेटे हाड्रिन को गोद में उठा लिया। मानो उन्हें उसके थकने की चिंता सता रही हो। सेंट्रल टैंक पर अलग-अलग अंदाज में उन्होंने परिवार के साथ फोटो खिंचवा यादें संजोई। ताज की विजिटर बुक में ट्रूडो ने लिखा कि दुनिया के सबसे सुंदर स्मारक की शानदार यात्रा कराने के लिए सभी का शुक्रिया।

परिवार के साथ भ्रमण शानदार अनुभूति कराने वाला है। उनके साथ पत्नी सोफी ग्रिगोइर ट्रूडो, बच्चे एला ग्रेस मार्गरेट ट्रूडो, जेवियर जेम्स ट्रूडो और हाड्रिन ट्रूडो थे। वह डेढ़ घंटे तक स्मारक में रहे। जाते समय उन्होंने सीआइएसएफ के गेस्ट रूम में ड्रेस चेंज की। ट्रूडो ने शर्ट व कोट उतारकर टीशर्ट पहनी, जबकि उनकी पत्नी ने सलवार-शूट पहना। बच्चों ने भी कपडे़ चेंज किए। हाड्रिन रहे आकर्षण का केंद्र कनाडा के प्रधानमंत्री के आगरा दौरे में उनके छोटे बेटे हाड्रिन ने सारा आकर्षण चुराया। हाड्रिन ने अपने माता-पिता की सहायता से ताज की विजिटर बुक में साइन किए। जब पूरा परिवार ताज के साये में पोज दे रहा था, तब हाड्रिन थोड़ा उदास थे। बाद में वह ताज में दौड़ते हुए दिखे।

एक बार तो उन्होंने अपने पिता के साथ भी दौड़ लगाई। काले ताज में ली दिलचस्पी गाइड नितिन सिंह ने उन्हें स्मारक से जुड़ी जानकारी दी। ट्रूडो ने काले ताज के मिथक के बारे में काफी सवाल किए। हाथियों संग भी की मस्ती जस्टिन ट्रूडो की परिवार के साथ मस्ती हाथी पुनर्वास केंद्र के भ्रमण के दौरान भी बरकरार रही। यहां उन्होंने बच्चों के साथ हाथियों को दुलराया तो मादा हाथी लक्ष्मी और फूलकली को खरबूजा भी खिलाया। इस दौरान उनके बच्चों ने खूब मस्ती की और खुलकर मैदान में खेले। कर्मचारियों ने ने सुरक्षा की ²ष्टि से बच्चों को रोकना चाहा तो प्रधानमंत्री ने कह दिया कि बच्चों को खेलने दिया जाए।

बच्चे सुरक्षाकर्मियों को देख सहम जाते हैं। ताज के दीदार के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री करीब एक बजे मथुरा के फरह ब्लॉक के चुरमुरा स्थित एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर पहुंचे थे। एक घंटे से अधिक समय के प्रवास के दौरान उन्होंने परिवार के साथ संस्था की ओर से बनाई गई 5 मिनट की डाक्यूमेंट्री देखी जिसमें बताया गया कि एसओएस के देश में 11 केंद्र हैं। इनमें आगरा के पास सूर सरोवर में भालू केंद्र और चुरमुरा में हाथी केंद्र है। उन्होंने हाथियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए विजिटर बुक में लिखा, 'अद्भुत देश, दयालु नागरिक'।

सड़कों पर रही कड़ी सुरक्षा कनाडाई प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से शिल्पग्राम से मथुरा के चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण गृह गए। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जब उनका काफिला गुजरा तो ट्रैफिक को रोक दिया गया। खेरिया एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत सुबह परिवार सहित आगरा पहुंचे। खेरिया एयरपोर्ट पर मिल्टन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा उनके स्वागत में मयूर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।